येचुरी का आरोप, मोदी सरकार कर रही 'विचारों' की हत्या
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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि सपा समेत कोई भी क्षेत्रीय दल भरोसे के लायक नहीं है। आने वाले किसी भी चुनाव में उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ भी समझौता नहीं करेगी।
अलबत्ता साम्राज्यवादी और सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए मुद्दा आधारित मोर्चे में शामिल होने से परहेज नहीं किया जाएगा। उन्होंने मोदी सरकार पर विदेशी ताकतों के आगे आत्मसमर्पण करने और विरोधी विचारों की हत्या करने का आरोप भी लगाया।
माकपा नेता येचुरी सोमवार को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में कॉमरेड शंकर दयाल तिवारी मेमोरियल कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता अपनी बात रख रहे थे।
लोग कह रहे हैं पुराने दिन ही बेहतर थे
माकपा महासचिव ने कहा कि क्षेत्रीय राजनीतिक ताकतें भरोसे लायक नहीं हैं। यूपीए सरकार के कार्यकाल में एफडीआई के मुद्दे पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने संसद के बाहर आकर हमारे साथ गिरफ्तारी दी। लेकिन अगले ही दिन संसद में बिल का समर्थन किया।
चंद्र बाबू नायडु व एचडी देवगौड़ा से लेकर नवीन पटनायक और ममता बनर्जी तक का यही चरित्र है। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट और शोषण के बिना पूंजीवाद जीवित नहीं रह सकता। इसलिए इन चुनौतियों का सामना करने के लिए वामपंथी ताकतों को मजबूत करना होगा।
उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डेढ़ साल के भीतर ऐसे हालत पैदा हो गए हैं कि लोग कह रहे हैं इससे तो पुराने दिन ही बेहतर थे।
अब दो भारत, एक चमकता भारत व दूसरा तरसता भारत
येचुरी ने कहा, केंद्र सरकार केवल देशी-विदेशी पूंजीपतियों के लिए ही काम कर रही है। उसने विश्व व्यापार संगठन के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है। भारत को साम्राज्यवादी मुल्कों का छुटभैय्या साझीदार बना दिया है। इन नीतियों के कारण एक ही देश में दो तरह के देश बन रहे हैं- एक चमकता भारत और दूसरा तरसता भारत।
सीताराम येचुरी ने कहा कि मोदी सरकार असहमति के सभी स्वर दबाना चाहती है। अल्पसंख्यक और विरोधी विचारधाराओं पर हमले हो रहे हैं। विरोधी विचार रखने वालों की हत्याएं की जा रही हैं।
आईआईटी मद्रास में अम्बेडकर स्टडी सर्किल के गठन पर रोक लगाने और हैदराबाद में रोहित वेमुला की आत्महत्या इसका जीता जागता उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि संसद में बार-बार ये मुद्दे उठाए जाने के बावजूद नरेंद्र मोदी कार्रवाई के लिए मुंह नहीं खोल रहे हैं।