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सामूहिक हत्याकांड का खुलासा: अजीत ने रात ढाई बजे से सुबह 4 बजे के बीच सभी को उतारा था मौत के घाट
Thu, 16 May 2024 04:26 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 16 May 2024 04:26 PM IST
सार
सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के पल्हापुर गांव में हुए सामूहिक हत्याकांड का खुलासा हो गया है। अजीत ने पूरी वारदात को रात ढाई बजे से सुबह 4 बजे के बीच अंजाम दिया।
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आईजी रेंज सीतापुर ने पल्हापुर हत्याकांड का खुलासा किया।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सीतापुर जिले के पल्हापुर गांव में हुए सामूहिक हत्याकांड का खुलासा बृहस्पतिवार को पुलिस ने कर दिया। आईजी रेंज सीतापुर तरुण गाबा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले को परत दर परत मीडिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि आरोपी अजीत सिंह ने रात ढाई बजे से सुबह 4 बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया और फिर अनुराग के आत्महत्या की कहानी गढ़ी।
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उन्होंने बताया कि अजीत दो बजे के करीब उठकर बाहर आया और सभी को जगाने के लिए बिजली का मेन स्विच बंद कर दिया। इस पर सबसे पहले प्रियंका बाहर आई। उसने पहले प्रियंका और फिर बारी-बारी से परिवार के छह सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद करीब 4 बजे सभी को फोन कर सूचना दी। प्रभाकर (पाटीदार) मौके पर पहुंचा तो 40 मिनट तक अपनी गाड़ी की चाभी नहीं दी।
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पुलिस के अनुसार, घटना करने का अजीत के पास उस दिन भी एक कारण था। रात में केसीसी का लोन चुकाने को लेकर उसकी परिजनों से बहस हुई थी। जिस असलहे से वारदात को अंजाम दिया गया वो घर में ही मौजूद था।
अजीत ने बयां की थी हत्याकांड की पूरी कहानी
हत्याकांड को अंजाम देने वाले अजीत सिंह ने पुलिस की पूछताछ में उस रात की अपनी क्रूरता की पूरी कहानी बयां की थी। उसने बताया कि सबसे पहले अपनी भाभी के सीने में गोली मारी थी। गोली की आवाज सुनकर जब उसकी मां सावित्री पहुंची थी तो उन पर हथौड़े से वार कर घायल कर दिया था। उसके बाद अनुराग व उसके तीनों बच्चों को मौत के घाट उतारा। कुछ देर घायल मां के पास बैठा रहा। फिर अचानक उनका सिर कूंच दिया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अजीत सबसे ज्यादा खुन्नस प्रियंका सिंह से रखता था। इसलिए वह 11 मई की रात असलहा और हथौड़ा लेकर उनको ही मारने के लिए छत पर पहुंचा था। सोते वक्त ही उसने प्रियंका के सीने में गोली मार दी थी। गोली चलने की आवाज जब सुनाई दी तो अजीत की मां सावित्री वहां पहुंची। उनको देख उसने उन पर हथौड़े से वार कर दिया। वह घायल होकर वहीं गिर गईं। उसके बाद अनुराग के कमरे में गया। उसको दो गोलियां मारीं। फिर वह ऊपर आया। अनुराग के तीनों बच्चों की हत्या की। सबसे बाद में उसने मां को मारा।
...इसलिए मां को मार डाला
अजीत ने पुलिस को बताया है कि मां को मारने का इरादा नहीं था। लेकिन, वह अचानक से सामने आ गईं। इसलिए उसने उन पर वार कर दिया। जब अन्य सभी की हत्या कर वह मां के पहुंचा तो उनकी सांसें चल रही थीं। अजीत ने ये भी दावा किया कि मां ने कहा था कि वह वहां से चला जाए। अजीत का कहना था कि उस पर सनक चढ़ी थी, कुछ समझ नहीं आ रहा था। ऐसा लगा कि अगर मां जिंदा रहेगी तो वह कैसे उनका सामना करेगा। ये सोचते ही अजीत ने मां सावित्री पर कई वार कर दिए।
अब तक की जांच में अजीत की ही भूमिका
पुलिस ने अजीत के अलावा उसके कई रिश्तेदार और परिचितों की भूमिका खंगाली है। सभी मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली और लोकेशन देखी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में किसी अन्य की वारदात में भूमिका नहीं पाई गई है। अकेले अजीत ने पूरी वारदात को अंजाम दिया।