कैबिनेट के फैसले: शिक्षामित्रों को वेटेज अंक देने पर लगी मुहर, बेसिक शिक्षकों की भर्ती पर फैसला
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यूपी कैबिनेट ने शिक्षामित्रों पर फैसला करते हुए उन्हें अधिकतम 25 अंक का वेटेज देने पर अपनी मुहर लगा दी। मंगलवार को सीएम योगी अध्यक्षता में में लखनऊ के लोकभवन में हुई बैठक के बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री व सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने यहां पत्रकारों को बताया कि सुप्रीमकोर्ट के आदेश के अनुसार शिक्षामित्रों को पूरा लाभ दिया जाएगा।
इसके तहत 2.5 अंक भारांक प्रत्येक पूर्ण शिक्षण वर्ष के अनुभव के आधार पर मिलेगा। लेकिन यह भारांक अधिकतम 25 अंक का होगा। बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल ने बताया कि शिक्षामित्रों को वेटेज 2.5 अंक प्रतिवर्ष अनुभव के आधार मिलेगा। लेकिन यदि वेटेज 30 नंबर तक होता है तो भी अधिकतम वेटेज 25 नंबर का ही मिलेगा। उन्होंने बताया कि शिक्षामित्रों को 60 वर्ष की अधिकतम उम्र सीमा का लाभ पहले से ही तय है। इसका लाभ उन्हें मिलेगा।
लिखित परीक्षा से होगी बेसिक शिक्षकों की भर्ती, सिर्फ एकेडमिक मेरिट काफी नहीं
वहीं, कैबिनेट ने प्रदेश में 1.37 प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। विभाग में प्राइमरी शिक्षकों का चयन अब लिखित परीक्षा के जरिए होगा। इसमें वही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे जिन्होंने टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण की होगी। यही व्यवस्था शिक्षामित्रों के लिए भी होगी। अर्थात शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने के लिए अब टीईटी पास करने के साथ ही लिखित परीक्षा भी पास करनी होगी।
नियमावली में बदलाव के लिए दे दी मंजूरी
यूपी सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, सरकार ने शिक्षक भर्ती में चयन मापदंड के बदलाव के लिए नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके लिए यूपी बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली पुनरीक्षित प्राक्लन एवं उच्च विशिष्टियों का अनुमोदन किया गया है।
अब शिक्षक चयन का मापदंड लिखित परीक्षा होगी। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्राप्तांक प्रतिशत का 60 प्रतिशत अंक उनके गुणांक के साथ जोड़ा जाएगा। 40 नंबर का शैक्षिक गुणांक होगा। इस तरह लिखित परीक्षा के प्राप्तांक प्रतिशत के 60 प्रतिशत व शैक्षिक गुणांक से मेरिट बनेगी।
लिखित परीक्षा में वही अभ्यर्थी बैठ पाएंगे जो स्नातक प्रशिक्षित होंगे और जिन्होंने टीईटी पास की होगी। लिखित परीक्षा के लिए न्यूनतम उत्तीर्ण/ क्वालीफाइंग मार्क्स व इससे जुड़े विस्तृत दिशानिर्देश राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक राज्य सरकार की अनुमति लेकर जारी करेंगे।
प्रदेश के भविष्य के लिए भर्ती प्रक्रिया में बदलाव
ऊर्जा मंत्री शर्मा ने कहा कि यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प है कि प्राइमरी में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दी जाए। यूपी का भविष्य वहीं पर है। शुरुआत में यदि बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दे पाएंगे तो आगे चलकर तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसीलिए सरकार का पूरा जोर क्वालिटी एजुकेशन पर है। चयन मापदंड में बदलाव सिर्फ प्रदेश के भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने इसकेलिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया है।
गरीब छात्रों को एडमिशन ने देने वाले प्राइवेट संस्थानों पर नकेल
प्रदेश सरकार ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा गरीब बच्चों को पढ़ाने में की जाने वाली आनकानी पर रोक के लिए भी 2011 की नियमावली में बदलाव को मंजूरी दे दी है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी क्वालिटी एजुकेशन मिले, इसके लिए नियमों में बदलाव किया गया है।
यूपी नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली-2011 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इससे सभी को क्वालिटी एजुकेशन का संकल्प पूरा हो सकेगा। प्राइवेट स्कूल की मनमानी रुक सकेगी। शर्मा ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों के कोटा का लाभ गरीब छात्रों का मिल सके, इसमें यह बदलाव अहम भूमिका निभाएगा।
स्कूल के दायरे में किस परिधि के गरीब बच्चे आएंगे, इसके आधार पर इसे भी तय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार बेसिक स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन का मूल्यांकन भी करेगी।
नई वन नीति को दी मंजूरी, पेड़ काटने के लिए नहीं लेनी होगी परमिशन
प्रदेश में अपनी जमीन पर पेड़ काटने और बेचने के लिए अब डीएफओ, रेंजर और पुलिस की जी-हुजूरी नहीं करनी होगी। सात तरह के पेड़ों को छोड़कर, बाकी सभी को काटने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक धन योजना सहित तीन नई योजनाओं का एलान किया है।
योगी कैबिनेट ने मंगलवार को किसानों को शोषण से बचाने के लिए नई वन नीति को मंजूरी दे दी। राज्य वन नीति 1998 के स्थान पर यह नई वन नीति-2017 लाई गई है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कैबिनेट ने यूपी वृक्ष संरक्षण अधिनियम-1976 तथा इमारती लकड़ी व अन्य वन उपज अपवहन नियमावली-1978 के सरलीकरण करने का फैसला किया है।
इसके साथ ही कृषि व सामुदायिक भूमि पर वृक्षारोपण से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। 62 जिलों में निजी भूमि पर पांच तरह के पेड़, आम, नीम, साल, महुआ और खैर तथा रिजर्व फारेस्ट वाले 13 जिलों में छह तरह के पेड़ आम, नीम, साल, महुआ, खैर, सागौन को छोड़कर अन्य पेड़ों को काटने के लिए अनुमति नहीं लेनी होगी।
एक पेड़ काटने पर 10 लगाने होंगे
श्रीकांत ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसान एक पेड़ काटने के पहले 10 पेड़ लगाने का शपथ-पत्र देना होगा। इससे प्रदेश के सीमित वन क्षेत्र को बढ़ाने का मौका मिलेगा। प्रदेश में 33 फीसदी वन क्षेत्र होना चाहिए।
दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन सहायता योजना मंजूर
प्रदेश कैबिनेट ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन सहायता योजना को मंजूरी दे दी है। इसमें खादी संस्थाओं को दी जाने वाली छूट का एक हिस्सा सीधे कामगारों को दिया जाएगा। इसके अलावा यह छूट प्रदेश में उत्पादित खादी सामानों पर ही मिलेगी। खादी बिक्री पर सहायता 10 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत की गई है।
सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि उप्र एक उपभोक्ता प्रधान राज्य है। इसे उत्पादक प्रधान राज्य बनाने के लिए सरकार कदम उठा रही है। वर्तमान में पिछले वर्ष की बिक्री पर संस्थाएं ग्राहकों को जो छूट देती हैं, सरकार उनके दावों का भुगतान चालू वित्त वर्ष में करती है। इससे संस्थाओं की कार्यशील पूंजी फंस जाती है और उनके उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
इसके अलावा प्रदेश के बाहर की संस्थाओं से माल लाकर भी रिबेट की प्रतिपूर्ति ली जा रही है। इससे रिबेट का लाभ प्रदेश के कारीगरों व बुनकरों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने खादी की बिक्री, प्रदेश में उत्पादन व उसका लाभ गरीब कामगारों को दिलाने के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन सहायता योजना को मंजूरी दी है। यह योजना गुजरात व कर्नाटक की नीतियों का अध्ययन करने के बाद केंद्र सरकार के खादी ग्रामोद्योग आयोग की तर्ज पर लाई गई है।
इस तरह मिलेगा लाभ
इस योजना में खादी विपणन विकास सहायता 10 के बजाय 15 प्रतिशत की दर से दी जाएगी। इसके तहत कत्तिनों व बुनकरों को बोनस प्रोत्साहन के रूप में 34 प्रतिशत, संस्था को उत्पादन विकास के लिए 33 प्रतिशत तथा संस्था को बिक्री को बढ़ावा देने के लिए 33 प्रतिशत सहायता दी जाएगी। कत्तिनों व बुनकरों के लिए तय अंश संस्था में कार्यरत उन्हीं को मिलेगा जो प्रदेश के निवासी हैं। यह भुगतान डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर सिस्टम से होगा। उत्पादक तीन महीने में अपने दावे कर सकेंगे और सरकार उन्हें एक महीने में भुगतान कर देगी।
समूह ‘घ’ आईटीआई कर्मियों के समूह ‘ग’ में समायोजन का रास्ता साफ
प्रदेश सरकार ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में कार्यशाला व भंडार परिचर के पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के समूह ‘घ’ से ‘ग’ में समायोजन का रास्ता साफ कर दिया है। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग द्वारा दिए गए ‘उप्र. राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कार्यशाला परिचर व भंडार परिचर सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली-2017’ से संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट से की मंजूरी मिल गई है। सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि नियमावली में संशोधन से परिचर संवर्ग की समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
पुलिस की कंडम हो चुकी इमारतों को ढहाने की अनुमति
लखनऊ। कैबिनेट ने प्रदेश में पुलिस विभाग की कंडम हो चुकी इमारतों के ध्वस्तीकरण की मंजूरी दे दी है। पुलिस विभाग ने आवासीय भवन, बैरक, अस्पताल, कॉलोनी और कंडम हो चुके प्रशासनिक भवन के ध्वस्तीकरण की अनुमति मांगी थी। निष्प्रयोज्य संपत्तियों की कीमत एक करोड़ चार लाख 93 हजार 28 रुपये आंकी गई है।