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पुल निर्माण के दौरान गिरा 37 फीट लंबा सरिया का जाल, छह घायल
Sat, 23 Feb 2019 01:16 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Sat, 23 Feb 2019 01:16 AM IST
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सेतु निगम हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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बाजारखाला चौराहे के पास शुक्रवार को हैदरगंज-मीना बेकरी फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान सरिया का जाल गिरने से चार महिलाओं सहित छह लोग चोटिल हो गए। इसमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसा उस वक्त हुआ, जब 37 फीट लंबे सरिया के जाल को पिलर बनाने के लिए गड्ढे में डाला जा रहा था। क्रेन मशीन का पट्टा टूटने से जाल सड़क पर आ गिरा। इससे आसपास मौजूद छह लोग जख्मी हो गए। सेतु निगम के अधिकारी और पुलिस ने दो घायलों को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
घायलों में शामिल कांता देवी, शबनम, शीला और शांति को मामूली चोट की वजह से प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया। खरीदारी करने निकली ये महिलाएं हादसे के वक्त कार्यस्थल के पास से गुजर रही थीं। बाकी दो घायलों में से एक मुन्ना की परचून की दुकान है और गंगाराम सड़क पर ही मोची की दुकान करता है।
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उसकी हालत गंभीर है। सेतु निगम के महाप्रबंधक अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि घायलों का सीटी स्कैन व अन्य जांचें कराई गईं हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सभी घायलों को शनिवार को घर जाने दिया जाएगा।
अतिक्रमण हटाए बिना काम, हादसा तो तय
सेतु निगम जहां काम कर रहा है, उन सड़कों पर अतिक्रमण तक नहीं हटाया गया है। इस वजह से संकरी सड़कें काम करने के लिए मिल रही हैं। भीड़ भी काम के समय बनी रहती है। इस ट्रैफि क को रोककर काम करना भी यहां कठिन हो रहा है। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो तय है कि प्रोजेक्ट पूरे होने में देरी होगी।
रोक के बावजूद घुस आते हैं लोग
महाप्रबंधक का कहना कि जाल डालने के समय पूरी सुरक्षा रखी जाती है। पुलिस की मदद से उस समय ट्रैफिक रोक दिया जाता है। हादसे के समय भी ट्रैफिक रोका गया था, इसके बावजूद पैदल लोग जबरन घुस आए और चोटिल हो गए।
डायवर्जन के बगैर करा रहे काम
टूडियागंज बाजारखाला व्यापार मंडल के अध्यक्ष कृष्ण चंद रस्तोगी, महामंत्री राजेश अग्रवाल और उपाध्यक्ष इमरान कुरैशी ने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर साथियों संग रास्ता जाम किया और घायलों को मुआवजा देने की मांग की। इन लोगों का कहना था कि बिना डायवर्जन के ही काम कराया जा रहा है, जिससे हादसे का डर बना हुआ है।
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हादसा उस वक्त हुआ, जब 37 फीट लंबे सरिया के जाल को पिलर बनाने के लिए गड्ढे में डाला जा रहा था। क्रेन मशीन का पट्टा टूटने से जाल सड़क पर आ गिरा। इससे आसपास मौजूद छह लोग जख्मी हो गए। सेतु निगम के अधिकारी और पुलिस ने दो घायलों को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
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घायलों में शामिल कांता देवी, शबनम, शीला और शांति को मामूली चोट की वजह से प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया। खरीदारी करने निकली ये महिलाएं हादसे के वक्त कार्यस्थल के पास से गुजर रही थीं। बाकी दो घायलों में से एक मुन्ना की परचून की दुकान है और गंगाराम सड़क पर ही मोची की दुकान करता है।
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उसकी हालत गंभीर है। सेतु निगम के महाप्रबंधक अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि घायलों का सीटी स्कैन व अन्य जांचें कराई गईं हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सभी घायलों को शनिवार को घर जाने दिया जाएगा।
अतिक्रमण हटाए बिना काम, हादसा तो तय
सेतु निगम जहां काम कर रहा है, उन सड़कों पर अतिक्रमण तक नहीं हटाया गया है। इस वजह से संकरी सड़कें काम करने के लिए मिल रही हैं। भीड़ भी काम के समय बनी रहती है। इस ट्रैफि क को रोककर काम करना भी यहां कठिन हो रहा है। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो तय है कि प्रोजेक्ट पूरे होने में देरी होगी।
रोक के बावजूद घुस आते हैं लोग
महाप्रबंधक का कहना कि जाल डालने के समय पूरी सुरक्षा रखी जाती है। पुलिस की मदद से उस समय ट्रैफिक रोक दिया जाता है। हादसे के समय भी ट्रैफिक रोका गया था, इसके बावजूद पैदल लोग जबरन घुस आए और चोटिल हो गए।
डायवर्जन के बगैर करा रहे काम
टूडियागंज बाजारखाला व्यापार मंडल के अध्यक्ष कृष्ण चंद रस्तोगी, महामंत्री राजेश अग्रवाल और उपाध्यक्ष इमरान कुरैशी ने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर साथियों संग रास्ता जाम किया और घायलों को मुआवजा देने की मांग की। इन लोगों का कहना था कि बिना डायवर्जन के ही काम कराया जा रहा है, जिससे हादसे का डर बना हुआ है।