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Ayodhya: राम दरबार की मूर्तियों पर ट्रस्ट ने लगाई मुहर, मंदिर के शिखर निर्माण का काम 80 फीसदी पूरा
Sun, 02 Mar 2025 08:25 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 02 Mar 2025 08:25 PM IST
सार
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की टीम ने राम दरबार की जयपुर में बन रही विग्रह पर स्वीकृति दे दी है। राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर के अलावा 15 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना रामनवमी के पहले हो सकती है। जयपुर में बन रहीं राम दरबार की मूर्तियां तैयार हो चुकी हैं। मार्च के दूसरे सप्ताह में मूर्तियों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। राम दरबार की मूर्तियों पर राम मंदिर ट्रस्ट ने मुहर लगा दी है। 26 फरवरी को जयपुर गई ट्रस्ट की टीम ने मूर्ति निर्माण कार्य देखा। जयपुर में 15 मंदिरों की मूर्तियां बन रही हैं।
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राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर के अलावा 15 अन्य मंदिर भी बन रहे हैं। इन मंदिरों में स्थापित होने वाली मूर्तियों का निर्माण जयपुर में मूर्तिकार सत्यनारायण पांडेय की टीम कर रही है। विगत दिनों राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा ने जयपुर जाकर मूर्ति निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। सफेद संगमरमर पर बन रहीं दरबार की मूर्तियां ट्रस्ट को पसंद आ गई हैं और ट्रस्ट ने इसे फाइनल कर दिया है। बताया गया कि राम दरबार की मूर्तियों के निर्माण का काम 90 फीसदी पूरा हो चुका है। 15 मार्च के बाद इन मूर्तियों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है।
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रामनवमी का पर्व 30 मार्च से शुरू हो रहा है। रामनवमी का मुख्य उत्सव रामजन्मोत्सव छह अप्रैल को मनाया जाएगा। रामनवमी के उत्सव से पहले राममंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना की जा सकती है। राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना के लिए गर्भगृह बनकर तैयार है। महापीठ (जहां मूर्ति स्थापित होगी ) भी बनकर तैयार है। दूसरे तल पर दुनिया में प्रचलित सभी भाषाओं की रामायण का संग्रह किए जाने की योजना है।
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4.5 फीट होगी राम दरबार के विग्रह की ऊंचाई
राम दरबार के लिए बनाए जा रहे विग्रह की ऊंचाई 4.5 फीट तय की गई है। दरबार का सिंहासन भी स्वर्ण जड़ित होगा। मंदिर के दरवाजे भी स्वर्ण जड़ित होंगे। भगवान राम और माता सीता का श्रीविग्रह श्वेत संगमरमर की एक शिलाखंड पर ही निर्मित हो रहा है, जबकि हनुमान जी के अलावा तीनों भाइयों (भरत-शत्रुघ्न व लक्ष्मण) के विग्रह का निर्माण अलग-अलग शिलाखंड में हो रहा है। इनकी ऊंचाई दो से तीन फीट के बीच होगी। बाण व धनुष का निर्माण अलग से किया जा रहा है। इसके लिए जयपुर में परकोटा के छह मंदिर व सप्त मंडपम के सात मंदिरों की भी मूर्तियां सफेद संगमरमर पर ही बन रही हैं।
29 लेयर में होगा शिखर निर्माण
राम मंदिर के शिखर निर्माण का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शिखर का निर्माण कुल 29 लेयर में किया जाना है। अब तक 21 लेयर का काम पूरा हो चुका है। आठ लेयर का काम बाकी है, शिखर निर्माण का काम मार्च के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। राममंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर 44 फीट ऊंचा धर्मध्वज दंड भी लगाया जाना है।