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श्रावस्ती : आखिरकार पिंजरे में कैद हुआ आमदखोर तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
Fri, 29 Mar 2019 07:53 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रावस्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रावस्ती
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 29 Mar 2019 07:53 PM IST
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विगत कई दिनों से ग्रामीणों सहित पुलिस व वनकर्मियों के लिए सिरदर्द बना आदमखोर तेंदुआ आखिरकार गुरुवार रात पिंजरे में कैद हो गया। जिसके बाद हर किसी ने राहत की सांस लिया। तेंदुआ को सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए रेंजर पूर्वी सोहेलवा ने डीएफओ को पत्र लिखा है।
सिरसिया विकास क्षेत्र में सोहेलवा जंगल से सटे गांव में विगत एक माह से आदमखोर तेंदुए का आतंक व्याप्त था। तेंदुए ने बीते एक पखवारे में दो बालिकाओं को निवाला बनाया था। इतना ही नहीं जंगल से निकल कर आने वाला यह तेंदुआ आए दिन किसी न किसी मवेशी अथवा पालतू पशु को अपना शिकार बना रहा था।
सिरसिया थाना क्षेत्र के बालू घोलिया व निबिहा गांव में बालिकाओं की मौत के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर तेंदुआ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू शुरू कराया गया था। पुलिस व वन विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को सूर्यास्त के बाद घरों से बाहर न निकलने की सलाह देने के साथ ही सभी संभावित ठिकानों पर तेंदुए की तलाश की जा रही थी।
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सिरसिया विकास क्षेत्र में सोहेलवा जंगल से सटे गांव में विगत एक माह से आदमखोर तेंदुए का आतंक व्याप्त था। तेंदुए ने बीते एक पखवारे में दो बालिकाओं को निवाला बनाया था। इतना ही नहीं जंगल से निकल कर आने वाला यह तेंदुआ आए दिन किसी न किसी मवेशी अथवा पालतू पशु को अपना शिकार बना रहा था।
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सिरसिया थाना क्षेत्र के बालू घोलिया व निबिहा गांव में बालिकाओं की मौत के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर तेंदुआ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू शुरू कराया गया था। पुलिस व वन विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को सूर्यास्त के बाद घरों से बाहर न निकलने की सलाह देने के साथ ही सभी संभावित ठिकानों पर तेंदुए की तलाश की जा रही थी।
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इसके बाद भी तेंदुआ पकड़ से दूर था। इस पर वन विभाग द्वारा थाना क्षेत्र के ही बालू गांव के उत्तर बाला प्रसाद के खेत में तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा रखवाया गया था। गुरुवार रात एक नर तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। इसकी सूचना पूर्वी सोहेलवा के वन क्षेत्रधिकारी मदन लाल द्वारा प्रभागीय वनाधिकारी बलरामपुर को दी गई।
साथ ही पिंजरे सहित तेंदुए को अपने साथ वन कार्यालय पूर्वी सोहेलवा ले जाया गया। इस बारे में रेंजर मदन लाल बताते हैं कि तेंदुए को कहां छोड़ा जाए इसके लिए पत्र लिखकर डीएफ ओ बलरामपुर से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने के बाद जहां भेजना होगा वहां तेंदुए को ले जाकर छोड़ा जाएगा।
साथ ही पिंजरे सहित तेंदुए को अपने साथ वन कार्यालय पूर्वी सोहेलवा ले जाया गया। इस बारे में रेंजर मदन लाल बताते हैं कि तेंदुए को कहां छोड़ा जाए इसके लिए पत्र लिखकर डीएफ ओ बलरामपुर से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने के बाद जहां भेजना होगा वहां तेंदुए को ले जाकर छोड़ा जाएगा।