एसओ बोला, ‘महिला कांस्टेबल लिपिस्टिक लगाकर होटल में सप्लाई होती हैं...’
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लखनऊ के पारा इलाके की गैंगरेप पीड़िता ने शनिवार दोपहर डीआईजी रेंज आरकेएस राठौर के सामने पारा थाना के निलंबित एसओ अशोक यादव पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि पूर्व एसओ महिलाओं के प्रति ओछी सोच रखता था।
गिरफ्तारी के वक्त पीड़िता ने सिपाही भर्ती परीक्षा और अपने कॅरिअर का हवाला देते हुए हाथ-पैर जोड़े तो एसओ ने कहा, ‘महिला कांस्टेबल लिपस्टिक लगाकर होटल में सप्लाई होती हैं...।’ पीड़िता के मुंह से यह बात सुनकर डीआईजी सन्न रह गए।
पीड़िता ने डीआईजी को यह बातें लिखित में भी दिया। डीआईजी ने एसएसपी मंजिल सैनी को पीड़िता का प्रार्थनापत्र एफआईआर में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
एडवा की प्रदेश सचिव मधु गर्ग के साथ डीआईजी से मिलने पहुंची पीड़िता ने जब बोलना शुरू किया तो कमरे में सन्नाटा छा गया। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि पूर्व एसओ ने उसके व परिवार के सदस्यों के साथ जैसा व्यवहार किया उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।
जमानत के बाद भी पुलिस ने की घिनौनी हरकत
पीड़िता और उसकी बहन पर वेश्यावृत्ति का भी आरोप लगाते हुए जेल में डालने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा कही गई इन बातों के आधार पर मधु गर्ग ने डीआईजी को ज्ञापन देकर मांग की है कि निलंबित एसओ अशोक यादव और एफआईआर की विवेचना करने वाले एसएसआई सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं।
इन पुलिसकर्मियों की वजह से न केवल पीड़िता को नर्क भोगना पड़ा है, बल्कि पुलिस की छवि को नुकसान हुआ है और आम आदमी पुलिस से डरने लगा है।
जानें पूरी घटना
राजधानी के पारा थाने की पुलिस ने गैंगरेप पीड़िता हाईस्कूल की छात्रा और उसके परिवारीजनों सहित छह लोगों को लूट के फर्जी मामले में जेल भेज दिया था।
पीड़िता की शिकायत पर डीजीपी ने जांच कराई तो पुलिस के इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। एसएसपी मंजिल सैनी ने पारा एसओ अशोक यादव सहित सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया। साथ ही आईजी जोन ए. सतीश गणेश से सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल गैर जनपद रवाना करने की संस्तुति की।
बीती 23 मार्च को होली के दिन पीड़िता का चचेरा भाई अपने दोस्त के साथ इनोवा कार लेकर घर आया था। सभी होली खेल रहे थे कि शिवकुमार व मॉडल सिटी निवासी उसका साझेदार दीपक यादव व तीन-चार अन्य लोग कार से वहां आ गए और जबरन पीड़िता व उसकी बहन को रंग लगाने लगे। विरोध करने पर अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ की।
मोहल्ले के लोग एकत्र हुए तो दबंगों ने हवाई फायर करते हुए पुलिस बुला ली। पारा पुलिस गैंगरेप पीड़िता, उसकी मां, बड़ी बहन, चचेरे भाई व चचेरे भाई के दोस्त को पकड़कर थाना ले गई और शिवकुमार की तरफ से लूट का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया।
पीड़िता का चचेरा भाई इनोवा कार का ड्राइवर था। पुलिस ने कार जब्त कर ली तो कार की मालकिन थाने पहुंची। पुलिस ने लूट के मुकदमे में उसका नाम भी शामिल कर लिया। सभी छह लोगों को जेल भेज दिया गया।