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Shivpal Singh: शिवपाल बोले- मुझे सपा से 'आजाद' करना अखिलेश की अपरिपक्वता, विधानमंडल दल से क्यों नहीं निकालते
Wed, 27 Jul 2022 12:12 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 27 Jul 2022 12:12 AM IST
सार
शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि संविधान के अनुसार हम सभी स्वतंत्र हैं। मुझे आजाद करने का पत्र जारी करना अखिलेश यादव की अपरिपक्वता है।
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सपा नेता शिवपाल सिंह यादव।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
प्रसपा संस्थापक और सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अखिलेश यादव ने राजनीतिक अपरिपक्वता का परिचय दिया है। वह चिट्ठी लिखकर स्वतंत्र होने की दुहाई देने के बजाय विधानमंडल दल और पार्टी से निकाल देते तो बेहतर होता। उन्होंने ऐसा नहीं करके अपनी राजनीतिक समझ को उजागर किया है।
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उन्होंने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि अखिलेश सियासी रणनीति बनाने में फेल रहे। इसका नतीजा रहा कि जनता का भारी समर्थन होने के बाद भी सरकार नहीं बना पाए। उन्होंने कहा कि सपा के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद भी किसी भी बैठक में उन्हें बुलाया नहीं गया। इसके बाद भी अब स्वतंत्र होने संबंधी पत्र लिखने की बात समझ से परे है। सपा अब वह पार्टी नहीं है, जिसे मुलायम सिंह यादव ने डॉ. लोहिया के सपने को साकार करने के लिए सींचा था। यह पार्टी लगातार सियासी तौर पर गर्त में जा रही है। एक के बाद एक चुनाव हार रही है।
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UP | I came to know that I've been given official freedom. I think it's immaturity. When I contested polls, I resigned from my party & took membership of Samajwadi Party. It would have been better if they would have removed me from the legislature party: Shivpal Singh Yadav, PSP https://t.co/o3g16v3Glg pic.twitter.com/rjUqEmaWJj
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 26, 2022
शिवपाल ने कहा कि हद तो यह हो गई कि जिन लोगों ने मुलायम सिंह को अपमानित किया था, राष्ट्रपति चुनाव में सपाई उसके समर्थन में खड़े हो गए। यह एक तरह का राजनीतिक क्षरण है। भाजपा से संबंध के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह जब भी बुलाते हैं तो मिलने जाते हैं। इधर से तो कभी बुलावा आया ही नहीं। ऐसे में आखिर कहां जाएं। जहां तक सियासी सफर का सवाल है तो अभी अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं। जल्द ही अगले कदम का खुलासा करेंगे। जो लोग कुछ समय के लिए दूूर हो गए थे, वे फिर से जुड़ने लगे हैं।