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यूपी: नौकरी बचाने के लिए राम की शरण में पहुंचे शिक्षामित्र, लगाया जय श्रीराम का नारा

Sun, 20 Aug 2017 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 20 Aug 2017 10:28 PM IST
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shikshamitra protest continue in Uttar Pradesh.
प्रदर्शन करतीं शिक्षामित्र - फोटो : amar ujala

बलरामपुर में नौकरी बचाने के लिए आंदोलन कर रहे शिक्षामित्र अब राम की शरण में पहुंच गए है। शनिवार को भगवा रंग में रंगे शिक्षामित्रों ने जय श्रीराम का नारा लगाते हुए वीर विनय चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम व विरोध प्रदर्शन के चलते चौराहे पर करीब आधे घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। सदर एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपने के बाद शिक्षामित्रों ने चक्का जाम समाप्त किया।

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समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षामित्रों ने नगर के नार्मल स्कूल से जुलूस निकाला। भगवा रंग में रंगे शिक्षामित्र जय श्रीराम का नारा लगाते हुए नगर के वीर विनय चौराहे पर पहुंचे। चौराहे पर चक्का जाम कर शिक्षामित्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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प्रदर्शन में संघर्ष मोर्चा के संयोजक देव कुमार मिश्र एवं सह संयोजक गिरिजा शंकर शुक्ल ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों को रोजी रोटी का संकट झेलना पड़ रहा है। 16 वर्षो से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों का उम्र अधिक हो जाने के कारण अब उनके पास रोजगार का अन्य कोई विकल्प शेष नहीं बचा है।
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स्नातक व बीटीसी योग्यताधारी शिक्षामित्रों को सरकार द्वारा नया अध्यादेश लाकर सहायक अध्यापक पद पर बहाल किया जा सकता है। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री से मांग किया कि शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर बने रहने के लिए नया अध्यादेश लाया जाए। करीब आधे घंटे तक चक्का जाम व प्रदर्शन करने के बाद शिक्षामित्रों ने मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम किशोर गुप्ता को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।

21 को राजधानी में सड़क जाम करेंगे शिक्षामित्र

shikshamitra protest continue in Uttar Pradesh.

सरकार की ओर से शिक्षामित्रों की मांगों पर सकारात्मक रवैया न अपनाए जाने से नाराज शिक्षामित्रों ने 21 अगस्त को लखनऊ में रैली निकालकर सड़क पर आंदोलन करने का एलान किया है।

संयुक्त सक्रिय शिक्षक शिक्षा मित्र संघ के संरक्षक दुष्यंत चौहान ने कहा कि शिक्षामित्र तीन सूत्रीय मांगों को लेकर परिवार के साथ राजधानी आएंगे और मांगों पर कार्रवाई न किए जाने तक लखनऊ में ही जमे रहेंगे।

इस बीच समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षा मित्रों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। उन्होंने कई जिलों में धरना प्रदर्शन कर सरकार पर मांगें पूरी करने का दबाव बनाया। इस दौरान शिक्षा मित्रों ने स्कूलों में शिक्षण कार्य का भी बहिष्कार पर बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी दफ्तर पर धरना दिया।

विधानसभा घेराव करने का किया एलान

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वहीं, रायबरेली में  समायोजन रद्द किए जाने और सरकार से वार्ता विफल होने के बाद शनिवार को तीसरे दिन भी शिक्षा मित्रों ने मांगों को लेकर  धरना-प्रदर्शन किया और 21 अगस्त से विधानसभा का घेराव का एलान किया।

आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की अगुवाई में धरने पर बैठे शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार पर भड़ास निकाली। जिलाध्यक्ष अजीत सिंह व जिला महामंत्री पुष्पेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। यही वजह है कि तीन दिन बीत गए हैं, शिक्षामित्रों के भविष्य पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

इसी वजह से 21 अगस्त से विधानसभा का घेराव किया जाएगा। प्रदेशीय उपाध्यक्ष लक्ष्मी प्रताप सिंह व जिला प्रभारी अजय प्रताप सिंह ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं की जाती, तब तक धरना-प्रदर्शन ऐसे चलता रहेगा। भाजपा के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं बछरावां विधायक रामनरेश रावत और जिलाध्यक्ष दिलीप यादव धरनास्थल पर पहुंचे।

शिक्षामित्रों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर अनिल कुमार मौर्य, संकठा प्रसाद, अशोक मौर्य, जयवर्द्वन सिंह, सुमन सिंह, मीनाक्षी द्विवेदी, रश्मि, निशा मौर्या समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।

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