शिक्षामित्रों को मात्र 10 हजार रुपये मानदेय देने पर भड़के शिक्षक, कहा- हमारे साथ हुआ धोखा
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यूपी सरकार ने कैबिनेट बैठक में फैसला लिया है कि शिक्षामित्रों को सरकार हर माह 10 हजार रुपये मानदेय देगी। जिसे शिक्षामित्रों ने धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये हमारे साथ अन्याय है और इसके खिलाफ हम आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
गौरतलब है कि मंगलवार शाम हुई कैबिनेट बैठक में योगी सरकार ने शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये देने के फैसले पर मुहर लगा दी। इस पर उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार यादव का कहना है कि यूपी के समायोजित शिक्षकों के साथ राज्य सरकार ने अन्याय किया है। इसे हम आजीवन भुला नहीं पाएंगे। सरकार ने संकल्प पत्र तक के वादे पूरे नहीं किए। हम शिक्षक हैं आने वाले समय में अपना व अपने परिवार का गुजर बसर कर लेंगे। टीईटी परीक्षा पास कर शिक्षक भी बन जाएंगे। लेकिन भाजपा की राज्य व केंद्र सरकार आगामी चुनाव की परीक्षा निश्चित रूप से पास नहीं कर पाएगी।
योगी सरकार ने किया शिक्षामित्रो के साथ धोखा
मामले पर संयुक्त सक्रिय शिक्षक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश संरक्षक दुष्यंत चौहान का कहना है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा मित्रों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। सरकार ने रोज-रोज बैठक कर केवल शिक्षामित्रो को गुमराह किया है। अब हम सरकार से आर-पार की जंग लड़ेंगे।
कैबिनेट बैठक में ये लिया गया था फैसला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
कैबिनेट की बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री व राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सरकार की शिक्षामित्रों के प्रति पूरी सहानुभूति है। सरकार सुप्रीमकोर्ट के फैसले के मद्देनजर उनके हितों को लेकर कदम संवेदनशील है। शर्मा ने बताया कि कैबिनेट ने शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह नियत मानदेय देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एक अगस्त से प्रदेश के 1,69,157 शिक्षामित्रों को यह मानदेय मिलेगा।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार अनुपमा जायसवाल ने बताया कि शिक्षामित्रों को अभी तक 3500 रुपये मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया है। उन्होंने बताया कि यह मानदेय वर्ष में 11 महीने के लिए मिलेगा।