गृहमंत्री राजनाथ से शिक्षामित्रों को मिला सहारा, निकलेगा रास्ता
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सूबे के शिक्षा मित्रों ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उन्हें राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के नियम में संशोधन करने की मांग की है।
यह वही शिक्षा मित्र हैं जिनका समायोजन हाल ही में हाई कोर्ट ने निरस्त किया है। गृह मंत्री ने शिक्षा मित्रों को इस मसले में कोई न कोई हल निकालने का आश्वासन दिया है।
शिक्षा मित्रों ने कहा कि वे लोग 14 वर्षों से कार्यरत हैं। हाईकोर्ट के इस निर्णय से 1.75 लाख शिक्षा मित्रों पर असर पड़ा है। इस कारण शिक्षा मित्रों के परिवार पर भी जीवन का संकट आ गया है।
जीवन का आधा पड़ाव पार कर चुके शिक्षा मित्रों के सामने आत्महत्या के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। यही वजह है कि फैसला आने के 24 घंटे के भीतर एक दर्जन शिक्षा मित्रों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
अधिसूचना के पैरा में की संशोधन की मांग
इन लोगों ने उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के बैनर तले एक ज्ञापन भी राजनाथ सिंह को दिया है। इसमें शिक्षा मित्रों ने कहा कि यदि एनसीटीसी की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के पैरा चार में संशोधन की मांग की है।
इसमें शिक्षा मित्रों को अध्यापक पात्रता परीक्षा में पास करने की अनिवार्यता खत्म करने के लिए कहा है। राजनाथ सिंह से मिलने वालों में दीपाली निगम, जगजीवन, उबैद अहमद, भूमिका सिंह सहित कई अन्य उपस्थित थे।
दिल्ली में धरना-प्रदर्शन पांच अक्टूबर से
राजनाथ सिंह से मिलने के बाद शिक्षा मित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने लखनऊ के जीपीओ पार्क में एक बैठक की। इसमें पांच से सात अक्टूबर के बीच दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों पर चर्चा की। संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष सुशील यादव ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर दो हजार शिक्षा मित्र पहुंचेंगे।