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वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने बोर्ड परीक्षा ड्यूटी और मूल्यांकन कार्य का किया बहिष्कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 31 Jan 2018 02:37 AM IST
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माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महाससभा ने माध्यमिक वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप लगाते हुए बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी और मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया है।
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राणा प्रताप मार्ग स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व सदस्य विधान परिषद उमेश द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश के सभी वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी नहीं करेंगे और परीक्षा केंद्रों को फर्नीचर भी उपलब्ध नहीं कराएंगे।
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उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार वित्तविहीन शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। पिछली सरकार ने प्रदेश के एक लाख 92 हजार 123 शिक्षकों के मानदेय के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की थी।
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वर्तमान सरकार ने बिना कारण बताए मानदेय को बंद कर दिया। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड परीक्षा में वित्तविहीन विद्यालयों और शिक्षकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।