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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Shia Waqf Board will lodge objection on 1.14 lakh Waqf properties of Sunni-Shia in Uttar Pradesh

UP: प्रदेश में सुन्नी-शिया की 1.14 लाख वक्फ संपत्तियों पर मंडरा रहा खतरा, शिया वक्फ बोर्ड दर्ज कराएगा आपत्ति

Tue, 21 Jan 2025 01:32 PM IST
भूपेन्द्र सिंह मोहम्मद इरफान, अमर उजाला, लखनऊ
मोहम्मद इरफान, अमर उजाला, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 21 Jan 2025 01:32 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश में सुन्नी-शिया की 1.14 लाख वक्फ संपत्तियों पर खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर शिया वक्फ बोर्ड जेपीसी के सामने आपत्ति दर्ज कराएगा। सुन्नी वक्फ बोर्ड पहले ही आपत्ति दर्ज करा चुका है।

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Shia Waqf Board will lodge objection on 1.14 lakh Waqf properties of Sunni-Shia in Uttar Pradesh
वक्फ बोर्ड एक्ट में संशोधन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश की करीब 1,14,624 सुन्नी और शिया अवकाफ (वक्फ संपत्तियां) पर खतरा मंडरा रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के मौजूदा स्वरूप में इस्तेमाली वक्फ संपत्तियों (वक्फ बाई यूजर) की वक्फ हैसियत खत्म करने का प्रावधान शामिल है।

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प्रदेश में शिया वक्फ बोर्ड में करीब 4624 और सुन्नी वक्फ बोर्ड में लगभग 1,10,000 संपत्तियां वक्फ बाई यूजर श्रेणी में दर्ज है। वक्फ संशोधन विधेयक के मौजूदा स्वरूप में लागू होने से इन संपत्तियों की वक्फ हैसियत खत्म हो जाएगी। शिया वक्फ बोर्ड मंगलवार को इस मामले में गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से आपत्ति दर्ज कराएगा। जबकि सुन्नी वक्फ बोर्ड पहले ही जेपीसी से इस बाबत मुलाकात कर चुका है।

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वक्फ इस्तेमालिया तीन तरह से वक्फ किया जाता है

इस्लामी कानून में वक्फ संपत्तियां दीनी व इंसानी जरूरतों को पूरा करने के लिए मुसलमानों की तरफ से दी जाने वाली जायदाद है। शरीयत में संपत्तियों को वक्फ अलल खैर, वक्फ अलल औलाद और वक्फ इस्तेमालिया तीन तरह से वक्फ किया जाता है। वक्फ इस्तेमालिया में मस्जिद, कब्रिस्तान, खानकाह, दरगाह, कर्बला, इमामबाड़े सहित अन्य इबादतगाह शामिल होती हैं, जहां धार्मिक कार्य किए जाते हैं। 

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वर्तमान में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में प्रदेश भर की करीब 1,25,000 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से करीब 1,10,000 संपत्तियां वक्फ बाई यूजर हैं। वहीं, शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में प्रदेश भर की 7,785 संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से 4,624 संपत्तियां वक्फ बाई यूजर श्रेणी की हैं।

आज लखनऊ में रहेगी संयुक्त संसदीय समिति

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 का विरोध होने के बाद केंद्र सरकार ने इस पर आपत्तियां व सुझाव लेने के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया है। समिति प्रत्येक राज्य में जाकर विधेयक पर आपत्तियां व सुझाव ले रही है। मंगलवार को जेपीसी लखनऊ में रहेगी। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी जेपीसी के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराने के साथ ही सुझाव भी देंगे। 



उन्होंने कहा कि वक्फ बाई यूजर संपत्तियों से अभी क्या दिक्कतें आ रही हैं और उनको वक्फ बोर्ड से हटाए के फायदे क्या है, वक्फ संशोधन विधेयक में इस पर कोई बात नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड के गठन में लागू लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। एक मस्जिद बनी है तो उसमें नमाज ही होगी और इमामबाड़े में अजादारी होगी। वो संपत्ति वक्फ बोर्ड में दर्ज हो या न हो।

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