आतंकी देश और पापिस्तान है पाकिस्तान, वहां नहीं जाएंगे: शिया मौलाना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उड़ी में सेना के कैंप पर आतंकी हमले से नाराज शिया मौलाना ने इस बार मोहर्रम में मजलिस पढ़ने के लिए पाकिस्तान जाने से इन्कार कर दिया है। सभी ने एक सुर से पाकिस्तान को आतंकी देश करार देते हुए न्यौता ठुकरा दिया है। इनमें डॉ. कल्बे सादिक, वसी असगर मुजफ्फरनगरी सरीखे मौलाना शामिल हैं।
कर्बला के शहीदों का गम सारी दुनिया में मनाया जाता है। दो माह आठ दिन के इस मोहर्रम में मौलाना यानी जाकिर-ए-अहलेबैत को मजलिस पढ़ने के लिए देश-विदेश से बुलावा आता रहा है।
पाकिस्तान से इस बार मौलाना डॉ. कल्बे सादिक, मौलाना इरशाद नकवी, मौलाना सैफ अब्बास नकवी, मुजफरनगर से मौलाना वसी असगर, सहारनपुर से मौलाना मिर्जा जावेद, लखनऊ से मौलाना आजिम हुसैन को मजलिस को संबोधित करने का न्यौता मिला था। सभी ने न्यौता ठुकराते हुए मजलिस के लिए अमेरिका, लंदन और दुबई जाने की तैयारी कर ली है।
'पाकिस्तान पापिस्तान है'
शिया धर्मगुरू मौलाना डॉ. कल्बे सादिक का कहना है कि पाकिस्तान पापिस्तान है। उस देश में जाने का सवाल ही नहीं उठता।
मौलाना सैफ अब्बास नकवी कहते हैं कि मोहर्रम आतंकवाद का विरोध है। ऐसे में उलमा आतंकी देश में मजलिस को कैसे संबोधित कर सकता है।
शिया वक्फ बोर्ड के सदस्य मौलाना आजिम हुसैन का कहना है कि हमारे फौजियों को निशाना बनाने वाले आतंकी देश से हमारा कोई वास्ता नहीं है। हमने गम-ए-हुसैन के लिए पाकिस्तान जाने से इन्कार कर दिया है।
सहारनपुर के मौलाना मिर्जा जावेद कहते हैं कि आतंकी देश में मजलिस संबोधन की दावत को स्वीकारा नहीं जा सकता।
मुजफ्फरनगर के मौलाना वसी असगर कहते हैं कि पाकिस्तान में हमारे देश के रखवालों पर हमला किया है। मोहर्रम पर मजलिस के बुलावे को किसी उलमा ने नहीं स्वीकार किया है।