UP: शंकराचार्य बोले- डरे हुए हैं संत, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिले
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गाय को माता घोषित करने की कवायद जारी है। सनातनियों को एकजुट किया जा रहा है। संत डरे हुए हैं।
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए सिधौली में जनसभा की। इस दौरान बातचीत करते हुए कहा कि नैमिष में हमने किसी संत से कोई बात नहीं की। हमें पहले से पता है कि संत डरे हुए हैं। उन्हें क्यों समस्या में डालना। हम चाहते हैं कि उन्हें समस्या न हो।
उन्होंने नैमिषारण्य से सिधौली पहुंचकर कस्बे के सिद्धेश्वर महादेव धाम में शिव दर्शन किए। सिद्धेश्वर मंदिर पर श्रद्धालुओं ने उनका पुष्पों की वर्षा कर स्वागत किया। मंचासीन होने के बाद कहा कि उन्होंने गाय को गौमाता का दर्जा दिलाने के लिए सनातनियों को एकजुट करने की कवायद छेड़ रखी है।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार से मांग है कि गाय को सरकारी अभिलेखों में पशु दर्ज करने के स्थान पर उसे माता के रूप में दर्ज किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने इस प्रयोजन के लिए बुधवार को लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम में लोगों को आमंत्रित किया।
उनके सहयोगी के रूप में मौजूद जगदीशानन्द महाराज ने यात्रा का कारण स्पष्ट किया। आयोजकों में प्रशांत तिवारी व आचार्य मनीष पांडेय ने शंकराचार्य के सिधौली आगमन पर हर्ष व्यक्त किया। नैमिषारण्य से आते समय उनका मिश्रिख, कल्ली चौराहा, संदना व अलादादपुर तिराहे पर श्रद्धालुओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। सिद्धेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद वे लखनऊ रवाना हो गए।
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