पीजीआई के डॉक्टर ने बनाया स्मार्टफोन लेरिंजोस्कोप
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संजय गांधी पीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार कनौजिया ने मेक इन इंडिया से प्रेरित होकर एक स्मार्ट फोन वीडियो लेरिंजोस्कोप बना दिया। यही नहीं उन्होंने इसे अपने नाम से पेटेंट भी करा लिया है।
अपनी इस उपलब्धि का प्रदर्शन वह 16 मार्च को राष्ट्रपति भवन में करेंगे। इसके लिए उन्हें वहां से निमंत्रण भी मिल चुका है। डॉ. आशीष कुमार कनौजिया ने बताया कि सांस की नली में रुकावट व कई अन्य बीमारियों की दिक्कत से परेशान मरीजों के लिए यह स्मार्ट फोन लेरिंजोस्कोप बहुत कारगर है।
आईसीयू और वेंटीलेटर पर भर्ती मरीजों की जांच भी इस डिवाइस से की जाती है। उन्होंने बताया कि ये दुनिया का सबसे छोटा और स्मार्ट फोन से जुड़ने वाला पहला लेरिंजोस्कोप है। इस लेरिंजोस्कोप के ऊपरी सिरे पर एक वीडियो कैमरा और रोशनी के लिए एक फ्लैश लगाया गया है।
दूर-दराज के डॉक्टरों से ली जा सकेगी सलाह
इसे मुंह के रास्ते गले के अंदर डालकर सांस की नली के अंदर तक देखा जा सकता है। यह लेरिंजोस्कोप स्मार्ट फोन के साथ-साथ, लैपटॉप, टैबलेट से भी जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा इस डिवाइस की खासियत यह है कि इसकी फोटो को जूम करके भी देखा जा सकता है। स्मार्ट फोन से जुड़ा होने के कारण इंटरनेट के माध्यम से इसकी सभी वीडियो लाइव किसी भी विशेषज्ञ को दिखायी जा सकती है।
जिससे वह मरीज की बीमारी को समझकर अपनी सलाह भी दे सकता है। इस डिवाइस का उपयोग दूर-दराज के क्षेत्रों, आपदागस्त इलाकों में मरीजों के हित में किया जा सकता है।
डॉ. आशीष ने बताया कि जीएसवीएम कानपुर से उन्होंने एमबीबीएस किया। इसके बाद केजीएमयू से एमडी एनेस्थीसियोलॉजी और फिर एसजीपीजीआई में एनेस्थीसिया विभाग में ज्वाइन किया। उन्होंने बताया कि अब तक 15 पेटेंट उनके नाम दर्ज हैं।