लिंग परिवर्तित करके लड़की बनने वाले स्टूडेंट को परीक्षा देने से रोका
लिंग परिवर्तित करके लड़के से लड़की बने एचबीटीआई के स्टूडेंट को एमसीए की परीक्षा से वंचित कर दिया गया। संबंधित स्टूडेंट ने एडमिशन लिया लेकिन कक्षा में उपस्थिति नहीं दर्ज कराई। इसलिए पेपर देने से रोक दिया गया।
इसकी पुष्टि कार्यवाहक निदेशक प्रो. अशोक कुमार ने की है। निदेशक ने कहा कि अगले सत्र की पढ़ाई पूरी करके स्टूडेंट परीक्षा दे सकता है।
राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (एसईई) 2014 में बढ़िया रैंक हासिल करने और एचबीटीआई के एमसीए सेकेंड ईयर में एडमिशन पाने वाले एक स्टूडेंट ने लिंग परिवर्तित कर लिया।
गर्ल्स हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं मिली तो...
हारमोनल चेंज के बाद स्टूडेंट ने गर्ल्स हॉस्टल में रहने की अनुमति मांगी लेकिन नहीं मिल सकी। इसके बाद स्टूडेंट ने फीस जमा की और दिल्ली चला गया। वह दिल्ली का ही रहने वाला है। स्टूडेंट क्लास करने नहीं आया।
संस्थान प्रशासन ने नोटिस भी जारी किया पर स्टूडेंट ने जवाब नहीं दिया। दिसंबर के पहले सप्ताह में सेमेस्टर परीक्षा शुरू हुई तो स्टूडेंट आ धमका। कहा, पेपर देना है।
इसकी एप्लीकेशन डायरेक्टर को दी पर सुनवाई नहीं हुई। निदेशक का कहना है कि 75 फीसदी से कम उपस्थिति वाले स्टूडेंट पेपर नहीं दे सकते हैं। इसी नियमावली के हिसाब से स्टूडेंट को पेपर देने से रोका गया है।