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लखनऊ जंक्शन व बादशाहनगर स्टेशन बनेंगे ईको स्मार्ट
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लखनऊ जंक्शन व बादशाहनगर रेलवे स्टेशन सहित कुल सात स्टेशनों को ईको स्मार्ट स्टेशन बनाया जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से इनका चयन किया गया है। रेलवे इन्हें पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण घटाने के उद्देश्य से उत्कृष्ट बनाएगा, जिससे यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी। इस पर एनजीटी नजर भी रखेगा।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर काम शुरू किया जा चुका है। पानी के नमूने लिए गए हैं, जिनकी जांच हो रही है। खानपान की नियमित जांच कराई जा रही है। रेलवे क्रॉसिंग के पास फैले कचरे को हटाया जा रहा है। पौधरोपण किया जा रहा है और लखनऊ जंक्शन पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। इससे बिजली की भी बचत हो रही है तथा ईको स्मार्ट बन रहे हैं। बादशाहनगर रेलवे स्टेशन का भी कायाकल्प किया जा रहा है।
वाटर रिसाइकिलिंग पर भी फोकस
ऐशबाग कोचिंग डिपो में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाया गया, जिसकी क्षमता पांच लाख लीटर है। वाटर रिसाइकिलिंग प्लांट लगाया है जो इस्तेमाल होने वाले अस्सी प्रतिशत जल को दोबारा प्रयोग लायक बनाता है।
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ये स्टेशन बनेंगे ईको स्मार्ट :
लखनऊ जंक्शन
बादशाहनगर रेलवे स्टेशन
गोरखपुर रेलवे स्टेशन
गोंडा स्टेशन
बस्ती स्टेशन
खलीलाबाद स्टेशन
मनकापुर रेलवे स्टेशन
इनपर करना होगा काम:
- ट्रेन की बोगियों व रेलवे स्टेशनों पर कचरे का बेहतर प्रबंधन।
- रेलवे स्टेशन व ट्रैक के आसपास से अतिक्रमण को हटावाना।
- इलेक्ट्रिक और प्लास्टिक कबाड़ को निस्तारित करना।
- पानी की सप्लाई व उपयोग को बेहतर बनाना।
- बिजली की जगह सोलर पैनल और एलईडी लाइटों का प्रयोग।
एनजीटी की ओर से लखनऊ जंक्शन, बादशाहनगर सहित सात रेलवे स्टेशनों को ईको स्मार्ट स्टेशन बनाने के लिए नामित किया गया है। वैसे भी पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ऊर्जा, जल व पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण घटाने को लेकर पहले से ही काम कर रहा है। अब इसे गति मिल जाएगी।
- डॉ. मोनिका अग्निहोत्री, डीआरएम, पूर्वोत्तर रेलवे
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पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर काम शुरू किया जा चुका है। पानी के नमूने लिए गए हैं, जिनकी जांच हो रही है। खानपान की नियमित जांच कराई जा रही है। रेलवे क्रॉसिंग के पास फैले कचरे को हटाया जा रहा है। पौधरोपण किया जा रहा है और लखनऊ जंक्शन पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। इससे बिजली की भी बचत हो रही है तथा ईको स्मार्ट बन रहे हैं। बादशाहनगर रेलवे स्टेशन का भी कायाकल्प किया जा रहा है।
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वाटर रिसाइकिलिंग पर भी फोकस
ऐशबाग कोचिंग डिपो में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाया गया, जिसकी क्षमता पांच लाख लीटर है। वाटर रिसाइकिलिंग प्लांट लगाया है जो इस्तेमाल होने वाले अस्सी प्रतिशत जल को दोबारा प्रयोग लायक बनाता है।
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ये स्टेशन बनेंगे ईको स्मार्ट :
लखनऊ जंक्शन
बादशाहनगर रेलवे स्टेशन
गोरखपुर रेलवे स्टेशन
गोंडा स्टेशन
बस्ती स्टेशन
खलीलाबाद स्टेशन
मनकापुर रेलवे स्टेशन
इनपर करना होगा काम:
- ट्रेन की बोगियों व रेलवे स्टेशनों पर कचरे का बेहतर प्रबंधन।
- रेलवे स्टेशन व ट्रैक के आसपास से अतिक्रमण को हटावाना।
- इलेक्ट्रिक और प्लास्टिक कबाड़ को निस्तारित करना।
- पानी की सप्लाई व उपयोग को बेहतर बनाना।
- बिजली की जगह सोलर पैनल और एलईडी लाइटों का प्रयोग।
एनजीटी की ओर से लखनऊ जंक्शन, बादशाहनगर सहित सात रेलवे स्टेशनों को ईको स्मार्ट स्टेशन बनाने के लिए नामित किया गया है। वैसे भी पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ऊर्जा, जल व पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण घटाने को लेकर पहले से ही काम कर रहा है। अब इसे गति मिल जाएगी।
- डॉ. मोनिका अग्निहोत्री, डीआरएम, पूर्वोत्तर रेलवे