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कामिनी का ‘सेवा माह’ कर्मचारियों, पेंशनरों और मृतक आश्रितों को देगा खुशियां

Sun, 09 Dec 2018 05:13 AM IST
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 09 Dec 2018 05:13 AM IST
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service month for kamini organised for pensioners
pension

सरकारी कर्मचारी वर्षों तक अपनी तय पदोन्नति के लिए गिड़गिड़ाएं लेकिन बिना पदोन्नति रिटायर हो जाएं तो कितनी पीड़ा होगी? रिटायरमेंट के बाद सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभ वर्षों तक न मिलें तो कितनी तकलीफ होती होगी? किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाए और उसके आश्रित को वर्षों तक अनुकंपा नौकरी न मिले तो उस परिवार पर क्या बीतती होगी?

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आईएएस अधिकारी और कमिश्नर वाणिज्य कर कामिनी चौहान रतन ने कार्यरत, सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों तथा मृतक आश्रितों के ऐसे सभी लंबित मामलों को निस्तारित करने के लिए खास पहल की है।
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ऑनलाइन और सोशल मीडिया व्हाट्सएप पर केंद्रित इस मॉड्यूल पर 10 दिसंबर से 10 जनवरी तक काम होगा। कामिनी ने इसे ‘सेवा माह’ के रूप में मनाने का एलान किया है। इस दौरान तीनों ही समूह से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए फील्ड से लेकर आयुक्त कार्यालय तक‘वर्किंग ग्रुप’ बनाए गए हैं। हर ग्रुप के टास्क तय हैं। सभी स्तर पर किए जाने वाले कार्यों की वह स्वयं निगरानी करेंगी।
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14 दिसंबर को सेवानिवृत्त कार्मिकों की समस्याएं जानने के लिए जोन स्तर पर आभार गोष्ठी होगी। 17 दिसंबर को सेवारत कर्मियों की समस्याएं सुनी जाएंगी। सेवारत कर्मियों के लिए हेल्थ कैंप भी लगेगा। यह पहल तमाम कर्मचारियों, पेंशनरों और मृतक आश्रितों के लिए नए साल की सौगात लेकर आ सकती है। विभाग की यह पहल ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में आगे बढ़ाई जा सकती है।

मॉड्यूल में इस तरह आवेदन

  • सेवारत कर्मी सेवा संबंधी मामले अपनी लॉगिन व पासवर्ड के जरिए इंपलाई इन्फॉर्मेशन सिस्टम (ईआईएस) पर अपलोड करेंगे।
  • पूर्व में मनोरंजन कर विभाग में रहे कर्मी, सेवानिवृत्त व मृतक आश्रित जिनके पास ईआईएस की लॉगिन आईडी नहीं है, वे विभागीय पोर्टल comtax.up.nic.in पर Pending Matter Application के लिंक से ऑनलाइन आवेदन करेंगे।
  • सेवानिवृत्त कर्मी व मृतक आश्रित भी विभागीय पोर्टल पर Pending Matter Application के लिंक से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ये वाणिज्य कर मुख्यालय स्थित कॉल सेंटर के नंबर-18001805223 पर कार्यालय कार्यदिवसों के समय अपना प्रकरण दर्ज करा सकते हैं। इन्हें व्हाट्सएप नंबर 7235001111 पर अपने नए/पुराने आवेदन की प्रति भेजने की भी सुविधा होगी।

इन समस्याओं को प्राथमिकता

  • सेवानिवृत्त कार्मिक पेंशन, राशिकरण, उपादान, अर्जित अवकाश नकदीकरण, जीपीएफ भुगतान, सामूहिक बीमा योजना, चिकित्सा संबंधी बिलों के भुगतान आदि।
  • मृतक आश्रित पारिवारिक पेंशन, उपादान, नकदीकरण, जीपीएफ, सामूहिक बीमा योजना, भवन निर्माण आदि अग्रिम पर ब्याज से मुक्ति, परिवार के एक सदस्य को नौकरी के आवेदन।
  • सेवारत कर्मी की गोपनीय वार्षिक प्रविष्टि का अंकन, वेतन निर्धारण, इंक्रीमेंट, वेतन विसंगति, स्थायीकरण, एसीपी, पूर्व विभाग में की गई सेवा जोड़ने, अवकाश स्वीकृति, चिकित्सा प्रतिपूर्ति भुगतान, परिवार कल्याण लाभ, चरित्र पंजिका में प्रविष्टि पूर्ण न होने, टीए बिल के भुगतान, परीक्षा में शामिल होने, पासपोर्ट जारी करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र, गृह व जिला परिवर्तन, सेवानिवृत्ति के लिए अभिलेख पूर्ण कराने जैसे मामले।

आवेदन पर इस तरह होगी कार्यवाही

  • प्रतिदिन आए आवेदन नामित जोनल प्रभारी जॉइंट कमिश्नर वाणिज्य कर मुख्यालय को कॉल सेंटर से ई-मेल से मिलेंगे। वह उसे मुख्यालय के संबंधित अनुभाग को और क्षेत्रीय स्तर से कार्यवाही की आवश्यकता पर जोनल एडिशनल कमिश्नर को भेजेंगे।
  • जोनल, क्षेत्रीय व मुख्यालय स्तर पर नामित अधिकारी मामले निस्तारित कर मुख्यालय पर नामित जोनल प्रभारी जॉइंट कमिश्नर को बताएंगे।
  • जोनल प्रभारी प्राप्त सभी मामलों का निस्तारण संबंधित अधिकारी से पैरवी से कर कराएंगे।
  • शासन स्तर से निस्तारित किए जाने वाले मामले शासन भेजे जाएंगे। एडिशनल कमिश्नर शासन के संबंधित अनुभाग से समन्वय कर निस्तारित कराएंगे।
  • देवेश कुमार तिवारी डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर मुख्यालय सेवा माह के लिए नोडल अधिकारी होंगे।
  • जोनल प्रभारी सभी मामलों पर की जा रही कार्यवाही की दैनिक सूचना नियमित रूप से आयुक्त को उपलब्ध कराएंगे।

इसलिए पहल का है खास महत्व

1997 बैच की आईएएस अधिकारी कामिनी ने कई जिलों में डीएम के रूप में अभिनव प्रयोग किए, जिन्हें बाद में सरकार ने प्रदेश स्तर पर लागू किया। इनमें बुलंदशहर में टीकाकरण व पोषण को बढ़ावा देने के लिए गोद भराई, खीर खिलाई, जन्मदिवस व सबला-सलोनी पहल, प्राइमरी स्कूल व आंगनबाड़ी के बच्चों के दोपहर के भोजन के लिए ‘बाल रसोई’, 2007 में सहारनपुर में स्कूलों में लकड़ी की जगह रसोई गैस से खाना बनाने की शुरुआत, स्कूली बच्चों को जनसहयोग से थाली-चम्मच दिलाने जैसे काम हैं। 

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