क्या आपके घर भी आया है नया नौकर? संभलिए!
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बुधवार रात को शहर की धड़कन हजरतगंज में दिल दहलाने वाली एक घटना हुई। लारेंस टेरेस कॉलोनी में देर रात बुजुर्ग दंपती के दस दिन पुराने नौकर ने उन्हें टॉयलेट में बंदकर जेवर-नकदी लूट लिए।
बुजुर्ग दंपती करीब डेढ़ घंटे के संघर्ष के बाद टायलेट से निकल पाए। दंपती पूरी तरह से इस दहशत से सहम उठे। उन्होंन घर के ऊपरी हिस्से में रहने वाले ड्राइवर को सूचना दी।
सुबह करीब पांच बजे पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों का उपचार कराया। हजरतगंज कोतवाली में लूट की एफआईआर दर्ज कर ली है। नौकर व उसके साथी बदमाशों की तलाश में पुलिस की एक टीम अमेठी भेजी गई है।
हजरतगंज सीओ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि होम्योपैथी के डॉक्टर व सिविल डिफेंस के वार्डन प्रीतम सिंह (72) लारेंस टेरेस स्थित आवास में पत्नी सुरिंदर कौर के साथ रहते हैं।
उन्होंने घरेलू कामकाज के लिए 15 दिन पहले कुछ अखबारों में विज्ञापन दिए थे। विज्ञापन पढ़ अमेठी के जगदीशपुर निवासी रोहित कुमार सिंह ने उनसे संपर्क किया। दस दिन पहले उन्होंने रोहित को नौकरी पर रख लिया।
टॉयलेट बन गया जेल
बुधवार रात रोहित नशे में दो दोस्तों को घर लेकर आया। उसने प्रीतम सिंह से दोस्तों के घर पर ही रुकने की बात कही तो उन्होंने विरोध किया। रोहित उन पर दबाव बनाने लगा।
प्रीतम सिंह ने उसके दोस्तों की आईडी मांगी तो वह टालने लगा। प्रीतम और उनकी पत्नी विरोध करने लगे तो उनका मुंह दबाकर तीनों ने पिटाई की। प्रीतम से चाबियां छीनने के बाद बदमाश दोनों को धकियाते हुए टॉयलेट की तरफ ले गए।
टॉयलेट में धक्का देकर बदमाशों ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। सीओ ने बताया कि प्रीतम सिंह ने टॉयलेट का दरवाजा भीतर से बंद कर दिया। इस बीच रोहित और उसके साथियों ने प्रीतम सिंह के कमरे में रखी आलमारियों की तलाशी ली।
आलमारियों में रखे करीब ढाई लाख रुपये नकद और सोने की एक चेन व दो टॉप्स सहित अन्य जेवर बदमाशों ने समेट लिए। लूटपाट के बाद तीनों भाग गए। करीब डेढ़ घंटे बाद कोई आहट न सुनकर प्रीतम सिंह ने दरवाजा खोला और ड्राइवर को खबर की।
ड्राइवर ने पुलिस कंट्रोलरूम को फोन किया लेकिन कोई नहीं आया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे दो सिपाही प्रीतम के घर पहुंचे। सिपाहियों ने दोनों को सिविल अस्पताल ले जाकर उपचार कराया।
रोहित के पिता का नाम एसपी सिंह है। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम अमेठी के जगदीशपुर स्थित उसके मकान पर भेजी गई है।
देर हुई, नौकर को आया गुस्सा
बुजुर्ग दंपती को अकेला और सपन्न देखकर रोहित ने पहले से ही लूटपाट की योजना बना रखी थी। बुधवार रात वो पूरी तैयारी से आया था।
अपने दोस्तों को घर लेकर आने से पहले ही सारी बात समझा दी थी। प्रीतम सिंह ने बताया कि जब उन्होंने दोस्तों को घर पर ठहराने से मना कर दिया तो रोहित बहस करने लगा।
जब वो नहीं माने तो रोहित ने अपने दोस्तों की तरफ देखते
हुए कहा कि बहुत देर कर रहे हो तुम लोग। इसके बाद सभी ने प्रीतम और उनकी पत्नी को दबोच लिया।
सीओ के अनुसार प्रीतम सिंह के बच्चे अलीगंज में अपने मकान में रहते हैं और अक्सर घर आते हैं।
प्रीतम सिंह पहले से ही सतर्क थे। वो किसी को भी नौकरी देने से पहले पूरी सावधानी बरतते थे। किसी को भी नौकरी देने से पहले उसका घर देखने जरूर जाते थे।
रोहित से भी वो उसका घर देखने ने की जिद कर रहे थे। मगर रोहित किसी न किसी बहाने से टाल रहा था। दो दिनों से प्रीतम रोहित पर घर दिखाने के लिए दबाव बना रहे थे।
रोहित इस दबाव से कहीं न कहीं परेशान हो गया था। पुलिस का मानना है कि इसी बात से परेशान होकर उसने अपने दोस्तों को बुलाकर इस वारदात को अंजाम दिया।