फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   sepoy recruitment examination second shift examination cancelled.

सिपाही भर्ती परीक्षा: दो सेंटरों की लापरवाही से दूसरी पाली की परीक्षा निरस्त, दो इंस्पेक्टर निलंबित

Wed, 08 Aug 2018 08:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 08 Aug 2018 08:25 PM IST
विज्ञापन
sepoy recruitment examination second shift examination cancelled.
फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

दो परीक्षा केंद्रों की लापरवाही के कारण सिपाही भर्ती 2018 के लिए 18 और 19 जून को हुई द्वितीय पारी की आफलाइन परीक्षा निरस्त कर दी गई है। दोनों केंद्रों पर ड्यूटी के लिए लगाए गए सभी कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। साथ ही इन केंद्रों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है।

विज्ञापन


प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि परीक्षा के दो-तीन दिन बाद कुछ स्थानों से सूचना मिली थी कि 18 और 19 जून को आयोजित परीक्षा की दोनों पारियों में जो प्रश्नपत्र दिए गए उसमें अंतर नहीं था। बोर्ड ने इस बारे में परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीसीएस से जवाब मांगा। टीसीएस की ओर से पहले इस तरह की बात से इंकार किया गया लेकिन विस्तृत जांच की गई तो शिकायत को सही पाया गया।
विज्ञापन


टीसीएस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और रिटर्न सील बंद आंसर शीट की जांच की तो पता चला कि 18 जून को इलाहाबाद के गुरू माधव प्रसाद शुक्ला इंटर कालेज में प्रथम पारी में द्वितीय पारी का प्रश्नपत्र वितरित कर दिया गया और द्वितीय पारी में प्रथम पारी का प्रश्नपत्र बांट दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यही काम 19 जून को एटा के पीपीएस कालेज में हुआ, जहां पहली पारी में द्वितीय पारी का और द्वितीय पारी में पहली पारी का प्रश्नपत्र बांट दिया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद भर्ती बोर्ड के अनु सचिव ने इसकी जांच को जिसमें तथ्य सही पाए गए। अरविंद कुमार ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 18 और 19 जून को दूसरी पारी में हुई परीक्षा को निरस्त कर दोबारा कराए जाने का निर्णय लिया गया है।

परीक्षा केंद्रों के खिलाफ एफआईआर, भर्ती बोर्ड ने किया ब्लैक लिस्ट

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के चेयरमैन जीपी शर्मा ने बताया कि इलाहाबाद और एटा के उक्त दोनों परीक्षा केंद्रों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। दोनों परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए गए टीसीएस, केंद्र व्यवस्थापक और भर्ती बोर्ड के ओर से तैनात किए गए कर्मियों व विजिलेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।

शर्मा ने बताया कि टीसीएस की ओर से दोनों सेंटर के कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। शर्मा ने बताया कि परीक्षा से पहली निर्देश पुस्तिका सभी केंद्रों को दी गई थी, जिसमें कौन सा बाक्स कब खोलना है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया था। साथ ही इसकी ट्रेनिंग भी दी गई थी। निर्देश पुस्तिका में यह भी यह भी स्पष्ट किया गया था कि इसके बाद भी अगर कोई गलती करता है तो उसे आपराधिक कृत्य माना जाएगा।

भर्ती बोर्ड ने भविष्य में इन केंद्रों पर परीक्षा न कराए जाने की सिफारिश की है साथ ही सरकार को भी लिखा है कि इन केंद्रों पर अन्य कोई परीक्षा भी न कराई जाए।

इंस्पेक्टर होंगे निलंबित और अपर पुलिस अधीक्षक से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
भर्ती बोर्ड ने डीजीपी मुख्यालय को पत्र लिखकर संबंधित जिले के अपर पुलिस अधीक्षकों से भी स्पष्टीकरण लेने की बात कही है। जीपी शर्मा ने बताया कि दोनों सेंटर पर पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात इंस्पेक्टर को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की मांगी की है।

टीसीएस से मांगा गया जवाब

जीपी शर्मा ने बताया कि इस मामले में परीक्षा कराने वाली कार्यदायी एजेंसी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज से भी जवाब मांगा गया है। हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया है निरस्त हुई परीक्षा को दोबारा कराने की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी की होगी।

हाईकोर्ट में पहुंचा मामला तो लेना पड़ा निर्णय
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में दो याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई कि परीक्षा के दौरान कई स्थानों पर एक एक ही तरह के पेपर दोनों पारियों में वितरित किए गए। इसके लिए सुबूत के तौर पर एटा और इलाहाबाद सेंटर का उदाहरण दिया गया। न्यायालय कोई निर्णय देता उससे पहले ही भर्ती बोर्ड ने शासन से विचार करने के बाद द्वितीय पारी की परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया।

41520 पदों के लिए शुरू हुई थी प्रक्रिया

जनवरी में निकली इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 41,520 पदों के लिए 22,78,184 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके लिए प्रदेश के 56 जिलों में 860 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी जिलों में अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के अफसर को नोडल अधिकारी नामित किया गया था। दो दिनों में चार पालियों में संपन्न कराई गई इस परीक्षा में 18,94,766 अभ्यर्थी शामिल हुए थे और 3,83,418 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे थे।

दो महीने तक विलंब हो जाएगी पूरी प्रक्रिया
सूत्रों का कहना है कि एक पारी की परीक्षा निरस्त होने से पूरी प्रक्रिया लगभग दो माह विलंब हो जाएगी। वर्ष 2018 के लिए हो रही भर्ती की यह प्रक्रिया अक्तूबर तक पूरी होने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन एक पारी की परीक्षा के निरस्त होने से इस पूरी प्रक्रिया में दो माह तक का विलंब होने की संभावना जताई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed