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'नारी बिन ब्रह्मांड की कल्पना संभव नहीं'
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Sat, 19 Oct 2013 08:56 AM IST
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एमिटी यूनिवर्सिटी में महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार का
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शुक्रवार को समापन हो गया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, हैदराबाद की निदेशिका एवं वैज्ञानिक डॉ. एम. लक्ष्मीकांतम ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी के प्रत्येक क्षेत्र में महिला वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अपनी खोजों और शोध कार्यों से महिला वैज्ञानिक अपनी प्रतिभा का लोहा विश्व भर में मनवा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं न हों तो ब्रह्मांड में किसी चीज की कल्पना नहीं की जा सकती है।
समारोह में एआईआईएमएस नई दिल्ली के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की भूतपूर्व विभागाध्यक्ष पद्मश्री प्रो. इंदिरा नाथ, डॉ. यू.एन. द्विवेदी, डॉ. अलका यादव और डॉ. ए.के. माथुर भी उपस्थित रहे।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, हैदराबाद की निदेशिका एवं वैज्ञानिक डॉ. एम. लक्ष्मीकांतम ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी के प्रत्येक क्षेत्र में महिला वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अपनी खोजों और शोध कार्यों से महिला वैज्ञानिक अपनी प्रतिभा का लोहा विश्व भर में मनवा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं न हों तो ब्रह्मांड में किसी चीज की कल्पना नहीं की जा सकती है।
समारोह में एआईआईएमएस नई दिल्ली के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की भूतपूर्व विभागाध्यक्ष पद्मश्री प्रो. इंदिरा नाथ, डॉ. यू.एन. द्विवेदी, डॉ. अलका यादव और डॉ. ए.के. माथुर भी उपस्थित रहे।