एकेटीयू: 200 केंद्रों पर ही होंगी सेमेस्टर परीक्षाएं, सभी स्टूडेंट्स को नहीं मिलेगा स्व परीक्षा केंद्र का लाभ
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पिछले दिनों यूजीसी और शासन के निर्देश पर विवि प्रशासन ने परीक्षा की कवायद तेज की। कोशिश थी कि ज्यादा से ज्यादा विद्याथियों को सेल्फ सेंटर का लाभ दिया जाए। इसे देखते हुए परीक्षा केंद्रों को ए, बी, सी श्रेणी में बांटा गया था। हालांकि सभी विद्यार्थियों को सेल्फ सेंटर की सुविधा नहीं मिल पाएगी।
जानकारी के अनुसार लगभग 60 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शिरकत करेंगे। इनके लिए विश्वविद्यालय लगभग 200 परीक्षा केंद्र ही बनाएगा। इनमें भी लगभग 25 केंद्र रिजर्व रखे जाएंगे, ताकि कोरोना संक्रमण के कारण कोई बड़ी दिक्कत हो तो तुरंत परीक्षा केंद्र बदला जा सके।
जानकारी के अनुसार ए श्रेणी के परीक्षा केंद्र ही सेल्फ सेंटर होंगे। इनकी संख्या 50 से 60 ही होगी। विश्वविद्यालय उन्हीं कॉलेजों को यह लाभ देगा जिनके यहां बेहतर व्यवस्था है। वहीं बी श्रेणी के परीक्षा केंद्रों की संख्या ज्यादा होगी। बी और सी श्रेणी के परीक्षा केंद्रों पर विवि की निगहबानी ज्यादा सख्त होगी। इनमें से कुछ परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सेंटर सुपरवाइजर व निरीक्षक लगेंगे ताकि केंद्र कोई गड़बड़ी न कर सकें। हालांकि इसके पीछे विवि का एक तर्क यह भी है कि विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार केंद्र बनाए जा रहे हैं।
छात्र कर रहे मॉडल पेपर की मांग
कोरोना के कारण ट्रेन और हवाई जहाज की सुविधा न होने की वजह से वे एक दिन में यात्रा नहीं पूरी कर सकेंगे। फिर अगर वे परीक्षा केंद्र पर पहुंच भी गए तो दिनभर परीक्षा के बाद उन्हें तुरंत लौटना पड़ेगा। यही वजह है कि छात्र एक दिन में पेपर कराने का विरोध और हॉस्टल में रुकने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।
एकेटीयू ने भले ही छात्रहित में बहु विकल्पीय प्रणाली (एमसीक्यू) पर परीक्षा कराने का निर्णय लिया हो लेकिन विद्यार्थी इससे काफी परेशानी में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी इस आधार पर परीक्षा नहीं दी। एकेटीयू या कॉलेज उन्हें नहीं बता रहा है कि एमसीक्यू की तैयारी कैसे करें। ऐसे में एकेटीयू मॉडल पेपर जारी करे ताकि वे अपनी तैयारी कर सकें।
परीक्षा केंद्रों की सूची लगभग तैयार है। जल्द ही इसे जारी कर दिया जाएगा। कोशिश है कि विद्यार्थियों को उनके पास के परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाएं ताकि उन्हें कम से कम यात्रा करनी पड़े। - प्रो. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक, एकेटीयू