अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन जल्द, 60 हजार से ज्यादा पद खाली
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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग नए साल से रिक्त पदों पर भर्तियां शुरू कर सकता है। प्रदेश सरकार इसके अध्यक्ष व सदस्यों के नाम पर जल्द निर्णय कर सकती है। प्रदेश में करीब 60 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। इनमें करीब 50 हजार से ज्यादा पद इस आयोग के दायरे में आएंगे।
समूह ‘ग’ के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए गठित इस आयोग में अध्यक्ष व सात सदस्यों के पद खाली हैं। सरकार नए अध्यक्ष व सदस्यों के चयन के लिए आवेदन लेकर स्क्रीनिंग का काम पूरा कर चुकी है। बीच में नगर निकाय चुनाव की वजह से चयन की कार्रवाई नहीं हो सकी।
सरकार ने रिक्त पदों पर भर्ती को शीर्ष प्राथमिकता में लेते हुए आयोग के गठन से जुड़ी प्रक्रिया फिर शुरू कर दी है। इन पदों के लिए अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारियों से लेकर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने आवेदन किए हैं। अध्यक्ष पद के लिए एक पूर्व सीएम के रिश्तेदार, दो पूर्व कृषि उत्पादन आयुक्त के अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से रिटायर हुए दो अन्य आईएएस अधिकारियों के नाम चर्चा में है। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री को करना है।
युवाओं को ज्यादा से ज्यादा नौकरियां देने को लेकर सरकार गंभीर
नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रिक्त पदों पर पारदर्शी तरीके से भर्ती सरकार की प्राथमिकता में है। सरकार युवाओं को नौकरी के अधिक से अधिक अवसर देने को लेकर गंभीर है।
पारदर्शी भर्ती के लिए समूह ग और ख के अराजपत्रित पदों पर भर्ती में इंटरव्यू खत्म किया जा चुका है। अब आयोग के पुनर्गठन का काम जल्द से जल्द पूरी करने की योजना है। मुख्य सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता वाली कमेटी आवेदकों के नाम पर विचार-विमर्श कर चुकी है।
मुख्यमंत्री जल्द निर्णय करेंगे। कोशिश है कि आयोग जनवरी से विधिवत अपना काम शुरू कर दे। अध्यक्ष व सदस्यों के चयन का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेज दिया गया है।