सिपाही के कार्बाइन की गोली, ले गई शैडो की जिंदगी
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चुनाव प्रचार के लिए गए राज्यमंत्री के शैडो की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गोली दूसरे सिपाही की कार्बाइन से चली।
फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के गागेमऊ गांव में रविवार दोपहर चुनाव प्रचार करने गए प्रदेश के वन राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई की सुरक्षा में तैनात एक शैडो गोली लगने से मौत हो गई।
मृतक लखनऊ जिले के गुडंबा थाना क्षेत्र का निवासी था। मृतक के भाई ने हत्या का आरोप लगाया है। घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे एसपी व एएसपी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
एसपी का कहना है कि जो तहरीर मिलेगी उसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है जहां रात में ही तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा सिपाही के शव का पोस्टमार्टम किया गया।
गोली चली और मुझे लगी
प्रदेश के वन राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई रविवार दोपहर करीब 2.20 बजे फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के गागेमऊ गांव में पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने गए थे।
वे जब ग्राम प्रधान माया देवी के घर पर मौजूद थे, उस समय मंत्री के साथ रहने वाले पांच सुरक्षाकर्मी प्रधान के घर के बाहर थे।
इनमें से मंत्री का शैडो सुरेंद्र कुमार यादव (30) पुत्र झनलाल यादव निवासी ग्राम सिकंदरपुर थाना गुडंबा जनपद लखनऊ बाहर ही कुर्सी पर बैठा था और उसके बगल में अन्य चार सुरक्षाकर्मी खड़े थे।
तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई। इतने में मंत्री फरीद भी बाहर आ गए और पूछा क्या हुआ तभी उनके शैडो सुरेंद्र ने कहा कि गोली चली है और मुझे ही लगी है। इसके बाद वह जमीन पर गिर पड़ा।
मंत्री ले गये अस्पताल
इस घटना के बाद मंत्री ने आनन-फानन उसे अपने वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे एसपी अब्दुल हमीद, एएसपी कुलदीप नारायण, डॉ. ओपी सिंह आदि ने जांच पड़ताल के बाद सिपाही के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक सिपाही के भाई ताराचंद भाई ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी।
एसपी का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
गलती से चली गोली
मंत्री फरीद महफूज किदवई की सुरक्षा में पांच पुलिस कर्मी लक्ष्मण सिंह, अजीत सिंह, भगवान सिंह, राजबक्श सिंह व सुरेंद्र कुमार यादव तैनात थे।
जिला अस्पताल में पहुंचे सुरक्षाकर्मी लक्ष्मण सिंह ने एसपी को बताया कि गोली सुरेंद्र के पास खड़े सिपाही अजीत सिंह की कार्बाइन से चली थी।
अजीत जिला अस्पताल में एक कोने में खड़े होकर रो भी रहा था। अस्पताल पहुंचे एसपी ने भी सिपाही अजीत से घटना के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उसे आरआई तौकीर अहमद के साथ पुलिस लाइंस भेज दिया गया।
सुरक्षाकर्मी की थी कार्बाइन
घटना पर वन राज्यमंत्री फरीद महफूज का कहना है कि फतेहपुर क्षेत्र के गागेमऊ गांव में प्रधान प्रतिनिधि ललित वर्मा (प्रधान माया देवी के पति) के घर बैठा था।
तभी बाहर अचानक गोली चलने की आवाज आई। बाहर आकर देखा तो मेरे शैडो सुरेंद्र कुमार यादव के गोली लगी थी।
इसके बाद उसे जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी मौत हो गई। फतेहपुर से जिला अस्पताल आने में करीब 35 मिनट का समय लग गया।
गोली किसी सुरक्षाकर्मी की बंदूक से ही चली है पर इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है, पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
जांघ में धंसी गोली
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सर्वेश सक्सेना का कहना है कि जिस समय सिपाही को वन राज्यमंत्री द्वारा जिला अस्पताल लाया गया उसके तुरंत बाद जब मैने उसे देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। गोली जांघ में लगी है और इसके बाद पेट में आ धंसी है।
एसपी अब्दुल हमीद का कहना है कि प्रदेश के वन राज्यमंत्री के एस्कॉर्ट में तैनात एक सिपाही की गोली लगने से मौत हुई है। यह गोली मृतक के साथ रहे सिपाही अजीत सिंह की कार्बाइन से चलने की बात बताई जा रही है।
मृतक के परिवारीजनों की ओर से जो तहरीर मिलेगी उसी के आधार पर आरोपी सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
गोली लगने से जिस सिपाही की मौत हुई है वह पुलिस लाइंस से राज्य मंत्री की सुरक्षा में लगाया गया था।