शिक्षक भर्ती परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी शुरू, दोषियों पर होगी कार्रवाई
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68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के सभी अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने एक सप्ताह में स्क्रूटनी का काम पूरा कराकर संशोधित परिणाम घोषित कर पात्र अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति देने का फैसला किया है।
दरअसल, इस भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद कॉपियों की जांच में गड़बड़ियों का पता चला था। इससे बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थी चयन से वंचित हो गए। यही नहीं ऐसे भी कई मामले सामने आए जिनमें अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका में कम अंक हैं, लेकिन घोषित परिणाम में उनके अंक ज्यादा दर्शाकर नियुक्ति दे दी गई।
उत्तर पुस्तिका बदलने और परीक्षा नहीं देने के बावजूद अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के मामले भी सामने आए थे। इससे हुई फजीहत और अभ्यर्थियों में उपजे असंतोष के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने परीक्षा में शामिल सभी 107873 अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने का फैसला किया है।
विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार ने बताया कि स्क्रूटनी का काम करीब एक हफ्ते में पूरा हो जाएगा। जांच में अंक बढ़ने से जो अभ्यर्थी सहायक अध्यापक भर्ती के लिए निर्धारित कटऑफ के दायरे में आएंगे उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के मामलों में कोड नंबर से उनका मिलान किया जाएगा।
दोषियों के खिलाफ होगी एफआईआर
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जांच में दोषी पाए गए कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और विभागीय कार्रवाई भी होगी। उन्होंने बताया कि विभाग कॉपियों की जांच करने वाली कंपनी के खिलाफ भी जांच होगी। आशंका है कि कंपनी के स्तर पर भी कॉपियों में गड़बड़ी हो सकती है। जांच में इसकी पुष्टि होने पर कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में गड़बड़ियों के पीछे किसी गिरोह का हाथ होने की बात सामने नहीं आई है।
साक्ष्य प्रस्तुत करने का आज अंतिम दिन
शिक्षक भर्ती परीक्षा में अनियमितता की जांच के लिए गन्ना विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय आर भूसरेड्डी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष साक्ष्य उपलब्ध कराने का 19 सितंबर को अंतिम दिन है। जांच कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार को सौंपेगी। इसके बाद विभाग की सिफारिश के साथ यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के पास भेजी जाएगी।
फैजाबाद की अलजीता की तो पूरी कॉपी ही बदल दी
फैजाबाद की अलजीता चौधरी ने मंगलवार को साक्ष्य प्रस्तुत किया जिसमें उनकी पूरी पूरी कॉपी ही बदल दी गई है। अलजीता के पास उपलब्ध कार्बन कॉपी और परीक्षा नियामक प्राधिकारी से मिली स्कैन प्रति में अंतर स्पष्ट है। अलजीता को परीक्षा में 26 अंक मिले हैं जबकि कार्बन कॉपी के हिसाब से उसे 76 अंक मिलने चाहिए। इसी तरह मो. अजमल को परीक्षा में 39 अंक मिले हैं जबकि कार्बन कॉपी के हिसाब से उसे 92 अंक मिलने चाहिए।