लखनऊ : सस्ते टमाटर पाने के लिए हुई छीना-झपटी, टूटा मोबाइल, लगी चोट,कोई खुश हुआ तो कोई निराश, वीडियो
सरकार द्वारा सस्ती दरों पर लोगों को टमाटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में शहर में दस जगहों पर सस्ते टमाटरों का विक्रय होना था। भीड़ इतना ज्यादा हो गई कि काउंटर पर अव्यवस्थाएं फैल गईं।
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शहर में 70 रुपये किलो वाले सरकारी टमाटर की जबरदस्त डिमांड है। कहीं लंबी लाइन लग रही है तो कहीं गाड़ी समय से न पहुंचने पर लोग निराश हो रहे हैं। भीड़ का दबाव बढ़ने पर टमाटर वैन भाग जाने से भी लोग खिन्न हो रहे हैं। मशक्कत के बाद जिसे बाजार में 200 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर आधे से भी कम दाम पर मिल रहा, वह खुशी से फूला नहीं समा रहा। ऐसा लगता है जैसे कोई बड़ी उपलब्धि मिली हो। वहीं जो लाइन की धक्का-मुक्की के बावजूद टमाटर नहीं पा रहा, वह निराश होने के साथ ही नाराजगी भी जता रहा है। शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) द्वारा शहर में तय स्थानों का अमर उजाला टीम ने जायजा लिया तो कुछ यही हाल दिखा। वितरण व्यवस्था की अव्यवस्था पर लोगों ने नाराजगी भी जताई। आइए जानते हैं कहां क्या रहा हाल?
पॉलीटेक्निक चौराहा: एक घंटा देरी से पहुंचीं वैन, लोगों में दिखा आक्रोश
टमाटर वितरण वैन दोपहर 12 बजे सभी तय स्थानों पर पहुंचनी थी, लेकिन पॉलीटेक्निक चौराहे एक घंटे बाद वैन पहुंची। यहां लोग तय समय से एक घंटे पहले से चौराहे पर जमा थे। वैन देर से पहुंची तो लोगों ने नाराजगी जताई। लंबी लाइन लगी रही और अधिकतर लोग 2 किलो से अधिक टमाटर लेने के लिए शोर मचाते दिखे। चार पुरुषों के बाद एक महिला को टमाटर वितरित करने पर भी विवाद हुआ। मौके पर मौजूद राहुल पांडेय ने बताया कि वह सुबह 11.30 बजे से खड़े थे, लेकिन गाड़ी 1 बजे आई। धक्का-मुक्की में वह गिरकर चोटिल भी हो गए।
नवीन मंडी स्थल: बीवी, बच्चों संग कतार में लगे लोग
यह ऐसा स्थान है, जहां रोजाना स्टाल लगाकर सरकारी टमाटर की बिक्री हो रही है। शुक्रवार को यहां लोग परिवार के साथ लाइन में लगे। बच्चों को भी लोगों ने लाइन में लगाया। हालांकि एक परिवार को दो किलो से अधिक टमाटर नहीं दिया जा रहा था, लेकिन लोग खुद को अलग-अलग बताकर टमाटर लेने की मशक्कत करते दिखे। टमाटर वितरण करा रहे मंडी अध्यक्ष रिंकू सोनकर ने बताया कि यहां रोजाना 20-25 कुंतल टमाटर की बिक्री होती है। प्रतिदिन इतना बैलेंस लेकर बेचते हैं कि अधिक से अधिक लोगों को टमाटर मिल सके। क्योंकि तीन दिन में टमाटर की गाड़ी बंगलुरू से लखनऊ पहुंच पाती है।
जवाहर भवन: वैन पहुंची तो दौड़ पड़े लोग, बोले टमाटर खरीदना जंग जीतने जैसा
अवध चौराहा: वैन देर से पहुंचने की नाराजगी सस्ते टमाटर से दूर हुई
अवध चौराहा हरदोई रोड पर तय समय से टमाटर की वैन न पहुंचने पर लोगों में नाराजगी दिखी। कुछ लोग 12 बजे पहुंचकर वैन न मिलने पर वापस भी हो गए। हालांकि जैसे ही वैन पहुंची तो लोग नाराजगी भूल टमाटर लेने दौड़ पड़े। पुरुषों संग महिलाएं भी लाइन में लगीं और किसी ने एक किलो तो किसी ने दो किलो टमाटर ख़रीदे। लगभग साढ़े सात कुंतल टमाटर 70 रुपये किलो के हिसाब से थोड़ी ही देर में बिक गया। वैन पर मौजूद एनसीसीएफ के एकाउंटेंट अनुराग सिंह ने बताया कि वैन समय से पहुंच जाती, लेकिन कई जगह रास्ते में ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण देरी हो गई।
रहीम नगर: वैन आई लेकिन भीड़ देखकर चली गई
कम होता है तो कम बिकता है टमाटर
सरकारी टमाटर कर्नाटक व बंगलुरू से आ रहा है। गाड़ी संग टमाटर की आवक से बिक्री स्थल तय किए जाते हैं। टमाटर कम होता है तो कम जगह बेचा जाता है। तय स्थानों पर दोपहर 12 बजे तक टमाटर भेजने का लक्ष्य है, लेकिन मंडी से वैन निकलने के बाद जाम या रुकावटों के चलते कुछ देरी हो जाती है। ऐसे स्थान जहां मारामारी या हंगामे की आशंका होती है, वहां से वैन को हटा दिया जाता है। आगे कोशिश होगी कि तय स्थान पर समय से पहले गाड़ी भेजी जाए। एके सिंह, हेड एनसीसीएफ
आज यहां होगी बिक्री
- नवीन मंडी स्थल सीतापुर रोड के गेट नंबर दो के सामने
- महानगर में शालीमार गैलेंट अपार्टमेंट के पास