फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Scientists say because of pollution our guess are being wrong about weather.

मौसम विज्ञानी बोले- प्रदूषण के कारण गलत हो रहे हमारे अनुमान, स्थानीय स्तर के बदलाव पकड़ में नहीं आते

Sun, 13 Dec 2020 09:55 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 13 Dec 2020 09:55 AM IST
विज्ञापन
Scientists say because of pollution our guess are being wrong about weather.
लखनऊ की एक सुबह। - फोटो : amar ujala

नवंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम विभाग ने अनुमान जताया था कि दिसंबर के पहले सप्ताह में प्रदेश के कई इलाकों में बर्फीली ठंड बढ़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लखनऊ की बात करें तो 1 व 2 दिसंबर को ठंड बढ़ने का अनुमान जताया। ऐसा ही अनुमान 5 व 6 दिसंबर के लिए भी जताया गया। मगर दोनों ही बार ऐसा नहीं हुआ बल्कि पारा बढ़कर 28 डिग्री तक पहुंच गया। आखिर ये पूर्वानुमान क्यों गलत हो रहे हैं? इस बारे में भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि धूल, प्रदूषण और अन्य स्थानीय कारणों से आकलन सही साबित नहीं हो पा रहा है।

विज्ञापन


बीएसआईपी के वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक राजेश अग्निहोत्री का कहना है, पूर्वानुमान मॉडल सिस्टम के आधार पर होता है। सेंसर के आधार पर आंकड़े जुटाए जाते हैं। ये आंकड़े सही तरीके से लिए जा रहे हैं। इनकी गणना भी सही होती है। पर, वातावरण में मौजूद धूल, स्मॉग, धुआं सही पूर्वानुमान को बाधित कर रहे हैं। ये स्थानीय स्तर पर होने वाले बदलाव हैं, जो अक्सर पकड़ में नहीं पाते हैं।
विज्ञापन


जितने दिन बाद की भविष्यवाणी, उतनी अनिश्चित
वैज्ञानिक डॉ. सीएम नौटियाल कहते हैं कि हम उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर काम करते हैं। हम एक आकलन करके बैठ गए और अचानक से हवा आई और सारे आकलन धरे रह जाते हैं। मौसम के लिए जिम्मेदार घटनाएं बहुत छोटे स्तर पर होती हैं। जबकि हम जो पूर्वानुमान लगाते हैं, वो काफी बड़े स्तर पर होता है। ऋतु चक्र बदल रहा है या अनियमित हो रहा है। दूसरे ला-नीना इफेक्ट बहुत अनिश्चित होता है। पूर्वानुमान जताया है कि इस वर्ष ला-नीना इफेक्ट की वजह से ठंडा रहेगा। लेकिन कभी कभी इसका इफेक्ट तीन साल तक होता है। प्रकृति की दशा और दिशा बदलने के साथ ही पूर्वानुमान गलत साबित होते हैं। जितने दिन बाद की भविष्यवाणी होगी, उतनी ही अनिश्चित होगी। पारा लगातार बढ़ने का कारण पश्चिमी विक्षोभ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

धीरे-धीरे सर्दी के तेवर होंगे तीखे

मौसम एक दो दिन भले ही सामान्य रहे लेकिन इसके बाद सर्दी के तेवर तीखे होने लगेंगे। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर यहां भी दिखेगा। हालांकि सुबह की शुरुआत कोहरे से होगी।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद वहां से आ रही उत्तर-पछुआ हवाएं सर्दी बढ़ाएगी। दिन में धूप रहेगी तो मौसम सामान्य रह सकता है। लेकिन रात में सर्दी बढ़नी शुरू हो जाएगी। सुबह के समय राजधानी समेत आसपास के इलाके में कहीं हल्का मध्यम तो कहीं घना कोहरा भी पड़ सकता है।  

धूप खिली, 4 डिग्री चढ़ा दिन का पारा
शनिवार को धूप खुलने के कारण दिन का अधिकतम पारा चढ़ गया। शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। ये सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं, रविवार को सुबह कोहरा रहा पर करीब साढ़े आठ बजे धूप खिल गई।

घने कोहरे के कारण ट्रेनें लेट, घंटों फंसे रहे यात्री

वहीं, घने कोहरे के कारण सामान्य ट्रेनों के अलावा स्पेशल ट्रेनें भी विलंब से चल रही हैं जिसके कारण यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। प्रयागराज स्टेशन पर मौजूद एक यात्री के परिजन ने बताया कि मैं दिल्ली से आ रहे अपने भाई का इंतजार कर रहा हूं पर ट्रेन चार घंटे लेट है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed