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Lucknow News: स्कूलों को मिली पांच सालों की बकाया शुल्क प्रतिपूर्ति
Tue, 28 Mar 2023 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 28 Mar 2023 01:34 AM IST
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रायबरेली। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 1.21 करोड़ रुपये बजट मिला है। जिसे विद्यालयों को भेजने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। इससे पिछले पांच सत्रों की बकाया शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान हो जाएगा। वर्तमान सत्र की शुल्क प्रतिपूर्ति आंशिक रूप से भेजी गई है।
जिले में 70 से अधिक निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत दो हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं, जिनकी शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए कई सालों से बजट नहीं मिल रहा था। इस बार बजट के रूप में 1.21 करोड़ रुपये मिले हैं। शैक्षिक सत्र 2017-18 से 2021-22 तक पांच शैक्षिक सत्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति की पूरी बकाया राशि भेज दी गई है। वर्तमान शैक्षिक सत्र 2022-23 में आंशिक रूप से शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की जरूरत थी लेकिन बजट 1.21 करोड़ रुपये मिला है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूलों की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए मिला बजट संबंधित विद्यालयों को भेजने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।
नवीन प्रवेश वाले 640 बच्चों को भेजी सहायता
शैक्षिक सत्र 2022-23 में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले 640 छात्र-छात्राओं को वित्तीय सहायता के रूप में पांच-पांच हजार रुपये भेजने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। यह धनराशि बच्चों के अभिभावकों के खातों में एक-दो दिन में पहुंच जाएगी। पिछले पांच सत्रों से धनराशि बकाया है, जिसके लिए कोई बजट नहीं आया है। जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि इसी सत्र में नया दाखिला लेने वाले बच्चों के लिए ही वित्तीय सहायता का बजट आया था, जिसे भेजने की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर पूरी हो चुकी है।
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जिले में 70 से अधिक निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत दो हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं, जिनकी शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए कई सालों से बजट नहीं मिल रहा था। इस बार बजट के रूप में 1.21 करोड़ रुपये मिले हैं। शैक्षिक सत्र 2017-18 से 2021-22 तक पांच शैक्षिक सत्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति की पूरी बकाया राशि भेज दी गई है। वर्तमान शैक्षिक सत्र 2022-23 में आंशिक रूप से शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की जरूरत थी लेकिन बजट 1.21 करोड़ रुपये मिला है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूलों की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए मिला बजट संबंधित विद्यालयों को भेजने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।
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नवीन प्रवेश वाले 640 बच्चों को भेजी सहायता
शैक्षिक सत्र 2022-23 में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले 640 छात्र-छात्राओं को वित्तीय सहायता के रूप में पांच-पांच हजार रुपये भेजने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। यह धनराशि बच्चों के अभिभावकों के खातों में एक-दो दिन में पहुंच जाएगी। पिछले पांच सत्रों से धनराशि बकाया है, जिसके लिए कोई बजट नहीं आया है। जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि इसी सत्र में नया दाखिला लेने वाले बच्चों के लिए ही वित्तीय सहायता का बजट आया था, जिसे भेजने की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर पूरी हो चुकी है।
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