यूपी: फर्जी टिकट मशीनों के जरिए खा रहे रोडवेज की आमदनी, फर्जीवाड़ा करने वालों की अनदेखी कर रहे अफसर
रोडवेज में फर्जी टिकट मशीन के लिए जरिए गड़बड़ी की जा रही है पर प्रबंधन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। मशीन की जांच में कंडक्टर द्वारा लाखों रुपये के हेरफेर का मामला सामने आ रहा है।
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रोडवेज की आमदनी पर फर्जी इलेक्ट्रॉनिक्स टिकट मशीन के जरिये दिनदहाड़े ‘डाका’ डाला जा रहा है। ऐसे में मामलों में कार्रवाई के बजाए प्रबंधन भी फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह की अनदेखी कर रहा है। इसीलिए जांच के बाद क्षेत्रीय स्तर पर ही प्रकरण का पटाक्षेप हो जाता। वहीं, प्रवर्तन दस्ते ने आधा दर्जन से अधिक मामलों की रिपोर्ट फाइल की, मगर जांच मुख्यालय से आगे नहीं बढ़ सकी। इनमें सबसे चर्चित केस 18 अगस्त जौनपुर डिपो का, जिसमें लखनऊ के चेकिंग दस्ते ने संविदा कंडक्टर संजय यादव से फर्जी टिकट मशीन बरामद कर क्षेत्रीय प्रबंधक वाराणसी को सौंपी थी।
6.38 लाख के बनाए थे टिकट
वाराणसी के क्षेत्रीय प्रबंधक केके तिवारी ने बताया कि बरामद मशीन को सॉफ्टवेयर पर डाउनलोड कराया तो उससे 6.38 लाख रुपये के टिकट बनाने का खुलासा हुआ। यानी संविदा कंडक्टर ने मोटी रकम अंदर कर सिर्फ 30 हजार रुपये ही जमा किए। वहीं, मुख्यालय की ओर से ऐसे मामलों को पकड़ने वाली टीम के यातायात अधीक्षक अरुण कुमार को लखनऊ से बरेली एवं मुरादाबाद ट्रांसफर कर दिया गया।
हर बार नये सॉफ्टवेयर की मशीन गायब
रोडवेज में नये सॉफ्टवेयर सिस्टम की टिकट मशीन की पहली खेप चारबाग डिपो पहुंचने से पहले गायब हो जाती है। अब तक तीन बार ऐसा हो चुका है। चर्चा है कि इन्हीं मशीनों से रोडवेज को चपत लगायी जा रही है। डिपो के एआरएम अमरनाथ सहाय ने बताया कि गायब मशीनों के एवज में 20 हजार रुपये की रिकवरी की जा चुकी है।
छह बार पकड़ी जा चुकी फर्जी टिकट मशीन
एक दशक में छह बार फर्जी टिकट मशीन पकड़ी जा चुकी हैं। इसमें बांदा, इलाहाबाद, गाजियाबाद, फर्रुखाबाद, नोएडा, सुल्तानपुर व जौनपुर की शामिल हैं। इनमें तीन जगहों पर अफसराें की सरपरस्ती से मशीनें गायब हुईं, जो फर्जी मशीनें बरामद हुई, उसमें भी मुख्यालय स्तर पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
दो निलंबित, एफआईआर के आदेश
वाराणसी परिक्षेत्र के प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक के के तिवारी का कहना है कि जौनपुर डिपो के संविदा कंडक्टर से फर्जी टिकट मशीन बरामद होने के बाद दो लिपिकों को निलंबित किया गया है। डिपो के एआरएम को प्रकरण की एफआईआर कराने के आदेश दिए गये हैं।