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Lucknow News: हरियाली पर चला आरा, कटवा डाले 700 से अधिक पेड़

Wed, 06 Sep 2023 06:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Wed, 06 Sep 2023 06:09 PM IST
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Saw ran on greenery, cut down more than 700 trees
पांच माह में 97 लोगों ने परमिट लेकर काट डाले 309 पेड़
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शिकायत पर विभाग ने ठेकेदारों से वसूला आठ लाख जुर्माना
फोटो संख्या 26
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। भले ही पर्यावरण को हराभरा बनाने के लिए हर साल पौधरोपण किया जाता है, लेकिन वन विभाग के मातहत हरियाली पर आरा चलवाने में तनिक भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। यही वजह है कि पांच माह में जिले भर में 97 लोगों ने परमिट लेकर आम, नीम, सागौन, महुआ के 309 पेड़ काटवा डाले। वहीं बिना परमिट के 700 पेड़ उजाड़ दिए गए। इनकी शिकायत होने पर विभाग ने ठेकेदारों से आठ लाख पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला।
हरा पेड़ काटने के लिए विभाग की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। एक पेड़ काटने के लिए 1200 रुपये सरकारी शुल्क जमा होता है, लेकिन ठेकेदारों से 5500 से 6000 रुपये वसूले जाते हैं। परमिट की लंबी प्रक्रिया से बचने के लिए ठेकेदार वन कर्मियों से सेटिंग-गेटिंग करके पेड़ कटवा डालते हैं। शिकायत होने पर विभाग जुर्माना करके मामले में इतिश्री कर लेता है। यही वजह है कि आए दिन जिले भर में कहीं न कहीं पेड़ काटे जा रहे हैं।
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इनसेट
जितना मन चाहा कर दिया जुर्माना
एक पेड़ काटने पर कम से कम 2500 रुपया जुर्माना वसूला जाता है। अधिकतम जुर्माना निर्धारित नहीं है। इसलिए जितना मन चाहा ठेकेदारों पर जुर्माना कर दिया जाता है। यही वजह है कि ठेकेदार सेटिंग करके पेड़ कटवा डालते हैं। ज्यादा शिकायत होने पर कम से कम जुर्माना करके मामले को रफा दफा कर दिया जाता है। यही वजह है कि परमिट से ज्यादा अवैध तरीके से पेड़ काटे जा रहे हैं।
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इनसेट
अवैध कटान करने वालों पर होती कार्रवाई
हरे पेड़ों की कटान की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। पेड़ की मोटाई के हिसाब से जुर्माने का निर्धारण किया जाता है। परमिट के नाम पर अवैध धन उगाही नहीं होती है। परमिट बनवाने की प्रक्रिया अब ऑनलाइन होती है। यदि कटान में किसी विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
-आशुतोष जायसवाल, डीएफओ
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