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पशुधन फर्जीवाड़ा: कथित पत्रकार ने उगले सचिवालय के मददगारों के नाम, पूछताछ के बाद जेल भेजा गया
Mon, 21 Sep 2020 11:07 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 21 Sep 2020 11:07 AM IST
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कथित पत्रकार संतोष मिश्रा
- फोटो : amar ujala
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पशुधन विभाग में करोड़ों का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के सदस्य एवं कथित पत्रकार संतोष मिश्रा ने रविवार को एसटीएफ के सामने कई खुलासे किए। संतोष ने मददगार सचिवालय कर्मियों के नाम बताने के साथ अपने नेटवर्क की पूरी जानकारी दी।
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उसने बताया कि सचिवालय में काफी ऊपर तक अपना रसूख रखने के कारण आसानी से प्रशासनिक अधिकारियों को अपने अर्दब में लेकर काम करा लेता था। पूछताछ के बाद हजरतगंज पुलिस ने उसे जेल भेज दिया गया।
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मुख्यमंत्री के आदेश पर जांच कर रही एसटीएफ के सामने अब तक कई चौंकाने वाले नाम आए हैं। इसमें आईपीएस अधिकारियों के साथ सचिवालय के कई कर्मचारी शामिल हैं। इंदौर के पीड़ित व्यापारी मंजीत सिंह भाटिया की तहरीर पर एफआईआर दर्ज होते ही सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
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इस दौरान पशुधन राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद के निजी प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित व अनिल राय ने सचिवालय के भीतर की परतें खोली थीं। रजनीश के कमरे में ही आशीष राय उप निदेशक एसके मित्तल बनकर मंजीत सिंह से मिलता था। इस मामले में अब तक 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
शनिवार को गोंडा निवासी संतोष को भी गिरफ्तार कर लिया गया । एसटीएफ के मुताबिक, संतोष अक्सर शाम को सचिवालय जाता था। अपने नेटवर्क में शामिल कर्मचारियों को देर रात तक होटलों में दावतें देता था। खुद को पत्रकार बताकर कई जिलों में फोन करवाता था, जिससे उसके छोटे-मोटे काम हो जाते थे।