रेप पर बयान देकर फंसे मंत्री जी, कहा- एक-दो घटनाओं का बतंगड़ न बनाएं, अब दे रहे सफाई
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केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार दुष्कर्म के मामलों पर विवादित बयान देकर घिर गए हैं। उन्होंने रविवार को कहा कि भारत जैसे बड़े देश में दुष्कर्म की एक-दो घटनाओं को बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए। ऐसी घटनाओं को रोका जाना संभव नहीं है। हालांकि टिप्प्णी पर विवाद भड़कने के बाद उन्होंने सफाई दी कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया।
उन्नाव, कठुआ और सूरत में बच्चियों से रेप की घटनाओं पर भड़के आक्रोश के बीच श्रम व रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गंगवार ने कहा कि बच्चियों से रेप की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं, लेकिन कभी-कभी इन्हें रोका नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा, सरकार हर जगह सक्रिय है और कार्रवाई कर रही है, जो पूरे देश को दिखाई भी दे रही है। लेकिन इतने बड़े देश में ऐसी एक-दो घटनाओं पर बवाल मचाना सही नहीं है। सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ऐसे मामलों में सख्त है और दोषियों के लिए फांसी का कानून बना दिया गया है।
सबसे कड़े कानून पर राष्ट्रपति की मुहर
रेप के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े कानून पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सहमति की मुहर लगा दी है। कैबिनेट द्वारा शनिवार को इस संबंध में अध्यादेश पारित किया गया था। अब नए कानून के मुताबिक 12 साल की बच्चियों से रेप करने वालों को 10 साल से उम्रकैद तक की सजा के बदले न्यूनतम 20 साल की कैद से लेकर फांसी की सजा दिए जाने का प्रावधान है।
पॉक्सो एक्ट में संशोधन कर 12 से 16 साल तक की किशोरी से रेप मामले में अब अधिकतम ताउम्र कैद और इससे अधिक आयुवर्ग की महिलाओं से रेप मामले में न्यूनतम 7 साल की सजा को बढ़ा कर अधिकतम उम्रकैद कर दिया गया है।