फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Sanjeev Jeeva Murder Vijay neither shooter And no criminal after all why was given betel nut Badan Singh Baddo

जीवा हत्याकांड: न शूटर था विजय और न शातिर अपराधी...आखिर उसे ही क्यों दी सुपारी? कई सवाल अब भी बरकरार

Mon, 04 Sep 2023 10:01 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 04 Sep 2023 10:01 AM IST
सार

गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या के मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। बदन सिंह बद्दो असल किरदार बनकर सामने आया है। दावा है कि बद्दो हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता है। गैंगस्टर जीवा को मौत के घाट उतारने वाले शूटर को बदन सिंह बद्दो के गुर्गों ने असलहा चलाने की ट्रेनिंग उत्तराखंड में दी थी।

विज्ञापन
Sanjeev Jeeva Murder Vijay neither shooter And no criminal after all why was given betel nut Badan Singh Baddo
Sanjeev Jeeva Murder Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गैंगस्टर जीवा हत्याकांड का असल किरदार बदन सिंह बद्दो सामने आ गया है। पुलिस ने बद्दो को हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता होने का दावा किया है। लेकिन, तमाम सवाल अभी भी बरकरार हैं। जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं, जिससे हत्याकांड की पूरी साजिश की कड़ियां नहीं जुड़ पा रही हैं।
विज्ञापन


कोर्ट में शूटर विजय यादव के खिलाफ दाखिल चार्जशीट से मुख्य साजिशकर्ता को एसआईटी ने बेनकाब किया है। लेकिन अब तक ये नहीं पता चल सका है कि जिस असलम ने बद्दो से शूटर की मुलाकात कराई थी वह कौन है? कहां का रहने वाला है? नेपाल में वह विजय यादव के संपर्क में कैसे आया?
विज्ञापन


यही नहीं, विजय ने गिरफ्तारी के बाद कहा था कि उससे असलम ने कहा था कि लखनऊ जेल में उसका भाई बंद है। जिसका अपमान जीवा ने किया है। उसका बदला लेने के लिए हत्या करानी है। सवाल है कि जब वह बद्दो से मिल चुका था तो उसने पूछताछ में इसका जिक्र क्यों नहीं किया? 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या ये साजिश थी या फिर बद्दो पहचान छिपाकर उससे मिला था? ये भी स्पष्ट नहीं हो सका है। हालांकि अफसरों का कहना है कि विवेचना जारी है। जैसे-जैसे अज्ञात आरोपी गिरफ्त में आएंगे साजिश की कड़ियां जुड़ती जाएंगी। जिससे अनसुलझे सवालों के जवाब भी मिलेंगे।

आखिर लखनऊ में बद्दो का गुर्गा कौन? जिसने दी थी रिवॉल्वर
एसआईटी के मुताबिक, सात जून की सुबह विजय लखनऊ पहुंचा था। वह रोडवेज बस से ही यहां आया था। दावा है कि बद्दो के एक गुर्गे ने यहीं पर उसको रिवॉल्वर दी। कोर्ट तक भी पहुंचाया। पर, एसआईटी इस गुर्गे का नाम पता नहीं कर सकी है। सवाल है कि आखिर बद्दो का ये गुर्गा कौन है? क्या करता है और कहां रहता है? ये सवाल भी अधूरे पड़े हैं।

न शूटर था विजय..न शातिर अपराधी..आखिर उसको ही क्यों दी सुपारी
जौनपुर निवासी विजय यादव ने जीवा की हत्या की थी। विजय पर इसके पहले लॉकडाउन उल्लंघन और एक किशोरी को बहलाफुसलाकर ले जाने के केस दर्ज थे। बड़ा आपराधिक इतिहास नहीं था। न ही इसके पहले कोई हत्या की थी। न ही वह कोई शातिर शूटर था। ऐसे में सवाल उठता है कि इतना बड़ा बदमाश बद्दो व उसके गुर्गों ने विजय को ही क्यों सुपारी दी? ये बात भी गले नहीं उतर रही है।

बद्दो के गुर्गों ने लखनऊ के रहने वाले शूटर विजय को उत्तराखंड में दी थी हथियार चलाने की ट्रेनिंग
गैंगस्टर जीवा को मौत के घाट उतारने वाले शूटर को बदन सिंह बद्दो के गुर्गों ने असलहा चलाने की ट्रेनिंग दी थी। ट्रेनिंग करीब 15 दिनों तक उत्तराखंड में चली थी। पुख्ता सूत्रों से इसका खुलासा हुआ है। वहीं शूटर कई दिनों तक अलग-अलग शहरों में भी रहा था। इसमें प्रयागराज और वाराणसी के अलावा लखनऊ भी है। इस दौरान बद्दो के गुर्गे उसके साथ रहे।

सूत्रों के मुताबिक बद्दो के गुर्गों ने बाकायदा विजय को ट्रेनिंग दी थी, जिससे किसी तरह की कोई चूक की गुंजाइश न रहे। विजय ने रिवॉल्वर की छह की छह गोलियां दागी थीं। सभी गोलियां जीवा को लगी थीं। जो कोई शातिर शूटर ही कर सकता था। इससे साफ है कि विजय को असलहा चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी। 

 

एक और अहम जानकारी मिली। वारदात से कुछ वक्त पहले वह प्रयागराज व वाराणसी में रहा। वहां पर रहकर बद्दो के गुर्गों ने उसको जीवा से संबंधित और जानकारियां उपलब्ध कराईं। हालांकि ये भी आशंका है कि इन शहरों में रहने की वजह और भी हो सकती हैं।
 

लखनऊ के गुर्गे का लगा सुराग

सूत्रों के मुताबिक विजय वारदात से पहले करीब दस दिनों तक चिनहट में रहा। जिसने उसको ठहराया वह कोई कारोबारी है। जिस अज्ञात गुर्गे की बात की जा रही है वह इंदिरानगर या चिनहट का ही रहने वाला है। ऐसी जानकारी सामने आई है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस को इस बारे में कई अहम सुराग व जानकारियां मिली हैं, जिसके आधार पर तहकीकात जारी है।

 

मुखबिरी करने की आशंका थी
कुछ वक्त पहले बद्दो का करीब पुलिस के हत्थे चढ़ा था। सूत्रों के मुताबिक बद्दो को शक था कि जीवा ने ही उसकी मुखबिरी कराई, जिसकी वजह से वह पकड़ा गया। इसी तरह के कई और मामले थे, जिससे दोनों के बीच खुन्नस बढ़ती गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed