संजीव जीवा हत्याकांड : एसआईटी ने प्रत्यक्षदर्शी पुलिसकर्मियों के दर्ज किए बयान, शूटर विजय का मोबाइल बरामद
एसआईटी घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज जुटाने का प्रयास शुरू कर दिया है। कोर्ट परिसर के आसपास लगे फुटेज खंगाल रही है। कोर्ट में लगे सीसीटीवी के फुटेज पाने के लिए जल्द ही वह कोर्ट से अनुमति लेंगे। जिससे कई तथ्य सामने आएंगे।
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विस्तार
कोर्ट रूम में कुख्यात गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या के मामले में गुरुवार को एसआईटी ने तफ्तीश तेज कर दी है। छह घंटे तक प्रत्यक्षदर्शी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने शूटर के पास से उसका मोबाइल भी बरामद कर लिया है। जिसको जांच के लिए भेजा गया है। आशंका है कि उसका डाटा डिलीट किया गया है। जिसको रिकवर कराया जाएगा। जिससे कई बड़े राज या फिर पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सकता है। उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ट्रामा पहुंचे। यहां गोली लगने से घायल हुई बच्ची, उसकी मां व सिपाही से मुलाकात की।
पश्चिम यूपी के कुख्यात बदमाश संजीव की बुधवार को एससीएसटी कोर्ट में पेशी थी। दोपहर 3:50 बजे कोर्ट रूम में संजीव को गोलियों से भून दिया गया था। उसको छह गोलियां मारी गई थीं। मां-बेटी व दो पुलिसकर्मी भी गोली से घायल हुए थे। वकीलों ने जौनपुर निवासी हमलावर विजय यादव उर्फ आनंद यादव को पकड़कर पीटा था और फिर पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने उस पर हत्या व अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। सीएम के आदेश पर एडीजी टेक्निकल मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तफ्तीश शुरू की थी। वारदात के वक्त जिन दस पुलिसकर्मियों की अभिरक्षा में संजीव को लाया गया था, एसआईटी ने उन सभी पूछताछ कर बयान दर्ज किए। सभी ने घटनाक्रम बयां किया। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों से भी एसआईटी ने जानकारी ली।
हमलावर से जल्द होगी पूछताछ, गिरफ्तारी अभी बाकी
वारदात के बाद वकीलों ने आरोपी विजय यादव को जमकर पीटा था। उसको गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने उसको भी अस्ताल में भर्ती कराया था। अभी भी उसका इलाज जारी है। इसलिए पुलिस ने अभी रिमांड नहीं ली है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार तक वह डिस्चार्ज किया जाएगा। तब पुलिस उसकी गिरफ्तारी की औपचारिकता करेगी। तब उससे एसआईटी पूछताछ करेगी। कुछ जानकारी उससे ली गई है, जिसमें उसने सवालों के जवाब भी दिए हैं। गहनता से पूछताछ होगी तो बड़ा खुलासा होगा। खासकर किसी आखिर साजिशकर्ता कौन है और वारदात को अंजाम देेने की वजह क्या है। ये वही बता सकता है।
लाडो से मिले सीएम, चॉकलेट दी
कोर्ट रूम में मौजूद बीकेटी निवासी नीलम की गोद में उनकी बेटी लाडो भी थी। संजीव को गोली आरपार होते हुए एक गोली नीलम के हाथ पर लगी और फिर लाडो की पीठ में धंस गई थी। उसका इलाज जारी है। शुक्रवार को उसका ऑपरेशन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्ची से मुलाकात की। परिजनों को आश्वासन दिया कि बच्ची का बेहतर इलाज कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने उसको चॉकलेट भी दी। उसके बाद उन्होंने घायल सिपाही लाल मोहम्मद से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। लाल मोहम्मद के पैर में धंसी गोली को गुरुवार को डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाल दिया। घायल कमलेश को बुधवार रात ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था।
कोर्ट की अनुमति लेकर जुटाएंगे सीसीटीवी फुटेज
एसआईटी घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज जुटाने का प्रयास शुरू कर दिया है। कोर्ट परिसर के आसपास लगे फुटेज खंगाल रही है। कोर्ट में लगे सीसीटीवी के फुटेज पाने के लिए जल्द ही वह कोर्ट से अनुमति लेंगे। जिससे कई तथ्य सामने आएंगे।
छावनी बना कोर्ट परिसर
संजीव की हत्या के बाद वकील आक्रोशित हो गए थे। पुलिस पर पथराव किया था। जिसमें एक एसीपी घायल हो गए थे। गुरुवार को अधिवक्ता कार्य से विरत रहे। एहतियातन तौर पर कोर्ट परिसर व आसपास भारी पुलिस व पीएसी बल की तैनाती की गई है। जिससे किसी भी तरह की बड़ी घटना न हो।
ये सवाल अहम हैं....पर जवाब नहीं मिल रहे
1- आखिर संजीव का हमलावर से क्या कनेक्शन है?
2- हत्या करने की वजह क्या है?
3- हमलावर को रिवाल्वर किसने और कहां मुहैया कराई?
4- मुख्य साजिशकर्ता कौन है?
5- संजीव का हमलावर से सीधा कोई संपर्क या रंजिश नहीं है। तो उसने उसे क्यों मारा?
6- क्या हमलावर अकेला था या और भी लोग बैकअप में थे?
7- हमलावर का लोकल कनेक्शन क्या है?
8- पिछले एक महीने से विजय घरवालों के संपर्क में था। आखिर उसने कहां ठिकाना बनाया था?
9- संजीव के पेशी पर आने की मुखबिरी किसने की?
10- आखिर उसने कोर्ट की सुरक्षा कैसे भेदी? क्या किसी की मिलीभगत रही?