Samwad 2025: कला, समाज और फिल्मों के अनछुए पहलुओं से 'संवाद' ने कराया रूबरू, शख्सियतों ने बेबाकी से रखी बातें
सनातन व अध्यात्म की शक्ति से लेकर महिला सशक्तीकरण व नेतृत्व तक। उत्तर प्रदेश को दंगों, बीमारू राज्य की छवि व माफिया से मुक्त कर अग्रिम पंक्ति में लाने के संघर्ष से लेकर शौर्य व पराक्रम की दास्तान तक। शिक्षा व बॉलीवुड के बदलते स्वरूप से लेकर सैंड आर्ट व रंगोली जैसी इंस्टॉलेशन आर्ट में कीर्तिमान व विश्व रिकॉर्ड बनाने की कहानियों तक...अमर उजाला संवाद के मंच पर देश व दुनियाभर में अपनी अलग पहचान रखने वाली शख्सियतों ने बेबाकी से अपनी बातें रखीं।
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विस्तार
अमर उजाला की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बृहस्पतिवार को दो दिवसीय संवाद का आयोजन शुरू हुआ। सुबह से ही बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्गों का जमावड़ा देखने को मिला। हर कोई अपने चहेते कलाकार, अभिनेता और शायर समेत अन्य को सुनने के लिए उत्साहित नजर आया। लोग कलाकारों के साथ सेल्फी लेने के लिए बेताब दिखे।
सुबह 10 बजे शुरू हुआ कार्यक्रम देर शाम तक चला। पूरा ऑडिटोरियम उल्लास के रंग में रंगा नजर आया। ऑडिटोरियम के बाहर सेल्फी पॉइंट पर लोगों का जमावड़ा रहा। लोगों ने सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों और एनसीसी कैडेट्स ने भी प्रतिभाग किया। विभिन्न रंगों भरे संवाद में उद्यमी, व्यापारी, शिक्षाविद, साहित्यकार और रंगकर्मी शामिल हुए।
विभिन्न क्षेत्रों में अप्रतिम योगदान देने वाली हस्तियों ने की चर्चा
अमर उजाला संवाद के मंच पर हस्तियों ने न केवल दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया, बल्कि उनका ध्यान नए आयामों की ओर भी आकृष्ट किया। अमर उजाला संवाद के पहले दिन उपरोक्त विषयों पर धर्म, कला, फिल्म, राजनीति, खेलकूद, समाजसेवा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान देने वाली हस्तियों ने चर्चा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ओजस्वी भाषण से हुआ। उन्होंने प्रदेश की तरक्की पर अपनी बात रखी। बताया कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश की छवि कैसे बदली है। दंगायुक्त प्रदेश को कैसे दंगामुक्त बनाया। माफिया को ठिकाने लगाया और निवेशकों के जरिए प्रदेश की तरक्की के नए आयाम खोले।
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खिलाड़ियों की राह आसान या मुश्किल विषय पर हुई चर्चा
वहीं केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद व प्रदेश की मंत्री रजनी तिवारी, असीम अरुण ने उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप की वजहों को बताया। यूपीसीडा के सीईओ मयूर मोहश्वरी ने प्रदेश के औद्योगिक विकास की रणनीति बताई। बॉक्सर विजेंद्र सिंह व निकहत जरीन ने खिलाड़ियों की राह आसान या मुश्किल विषय पर विचार रखे।
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जीवनशैली में छिपे हैं सेहत के राज
मशहूर शिक्षाविद प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्घे ने शिक्षा व कौशल के समन्वय को वक्त की जरूरत बताया। हेल्थ गुरू डॉ. मिक्की मेहता ने जीवनशैली में सेहत के राज छिपे हैं, इसकी गहनता पर बात की।
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...और जब सेल्फी के लिए उमड़ पड़े लोग
सनातन धर्म और अध्यात्म विषय पर चर्चा के लिए डॉ. अनिरुद्धाचार्य मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम के समापन के बाद वह मंच से नीचे उतरे तो बड़ी संख्या में लोगों ने साथ में तस्वीर खिंचवाने की गुजारिश की। यह सुनकर वह खुद लोगों के बीच पहुंच गए। उन्होंने श्रोताओं के फोन लेकर खुद ही तस्वीरें खींची। काफी देर तक प्रशंसकों ने उन्हें घेरे रखा, लेकिन डॉ. अनिरुद्धाचार्य ने अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया।
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सच्ची घटना पर कहानियों को परत दर परत खोलने का प्रयास किया...
बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी, कीर्ति चक्र विजेता नरेंद्र नाथ धर दुबे ने सच्ची कहानियां, कितनी सच्ची विषय पर कहानियों को परत दर परत खोलने का प्रयास किया।
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छोरी-2 की अभिनेत्री, निर्देशक और संवाद लेखक ने बताई फिल्म के पीछे की कहानी
बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने फिल्मों से गायब हो रहे कंटेंट पर बात की। उनके साथ छोरी-2 के निर्देशक विशाल फूरिया, संवाद लेखक दिव्य प्रकाश दुबे ने चुनौतियां साझा की।यह भी पढ़ेंः- Amar Ujala Samwad: इस्राइल मामले में शुक्रिया कहने पहुंचीं नुसरत भरूचा, पीएम मोदी ने पूछ लिया यह मजेदार सवाल
शायर अजहर इकबाल और अभिनेत्री जूही बब्बर की बातों ने बटोरी तालियां
शायर अजहर इकबाल, अभिनेत्री जूही बब्बर सोनी ने आधुनिक युग व कला की दुनिया से दर्शकों को रूबरू कराया। आधुनिक युग और कला की दुनिया विषय पर अपनी बात रखने आए मशहूर शायर अजहर इकबाल ने अपनी शायरी से लोगों को न केवल गुदगुदाया बल्कि नसीहत भी दी।यह भी पढ़ेंः- Amar Ujala Samwad: क्रिकेटर अजहरुद्दीन के इतने बड़े फैन कि बदल लिया अपना नाम, शायर अजहर ने साझा किया किस्सा
उन्होंने कहा कि बच्चे मां को जल्दी समझ लेते हैं, लेकिन उन्हें पिता को समझने में समय लगता है। जब तक वह पिता को समझते हैं तब तक काफी देर हो चुकी होती है। वह लोगों को पिता की अहमियत को समझने की सीख दे गए।
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