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हाईकोर्ट ने दिया आदेश, कहा-आरटीआई एक्ट में बार-बार नहीं मांगी जा सकती एक ही सूचना
Tue, 02 Apr 2019 10:00 PM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 02 Apr 2019 10:00 PM IST
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Lucknow High Court
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कहा कि सूचना का अधिकार एक्ट के तहत बार-बार एक ही सूचना नहीं मांगी जा सकती। अदालत ने यह आदेश आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की याचिका पर दिया।
न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी व न्यायाधीश सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने कहा कि केंद्रीय सूचना आयोग ने सौमित्र सेन बनाम नार्दर्न कोल फील्ड लि. केस में कहा था कि आरटीआई एक्ट में बार-बार समान सूचना मांगने का अधिकार नहीं है।
कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि अमिताभ द्वारा मांगी गई सूचना पूर्व से ही कोर्ट के सामने विचाराधीन हैं, लिहाजा यह दोबारा नहीं मांगी जा सकती।
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कोर्ट ने अमिताभ की तरफ से अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर व सूचना आयोग के अधिवक्ता शिखर आनंद का पक्ष सुनने के बाद आदेश दिया। अमिताभ ने गृह विभाग को भेजे गए एक प्रार्थनापत्र के बारे में सूचना मांगी थी। सूचना न मिलने पर उन्होंने अलग-अलग प्रार्थना पत्र देकर यही सूचना बार-बार मांगी थी। इसके लिए उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष अपील भी की थी।
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न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी व न्यायाधीश सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने कहा कि केंद्रीय सूचना आयोग ने सौमित्र सेन बनाम नार्दर्न कोल फील्ड लि. केस में कहा था कि आरटीआई एक्ट में बार-बार समान सूचना मांगने का अधिकार नहीं है।
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कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि अमिताभ द्वारा मांगी गई सूचना पूर्व से ही कोर्ट के सामने विचाराधीन हैं, लिहाजा यह दोबारा नहीं मांगी जा सकती।
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कोर्ट ने अमिताभ की तरफ से अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर व सूचना आयोग के अधिवक्ता शिखर आनंद का पक्ष सुनने के बाद आदेश दिया। अमिताभ ने गृह विभाग को भेजे गए एक प्रार्थनापत्र के बारे में सूचना मांगी थी। सूचना न मिलने पर उन्होंने अलग-अलग प्रार्थना पत्र देकर यही सूचना बार-बार मांगी थी। इसके लिए उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष अपील भी की थी।