सियासी हालात पर चर्चा के साथ 14 को चुनाव की रणनीति बनाएगी समाजवादी पार्टी
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इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन पर भी फैसला हो सकता है। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। इसमें प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव समेत करीब 50 प्रमुख नेता शामिल होंगे। राष्ट्रीय कार्यसमिति नीतिगत फैसले लेने के लिए पार्टी की सर्वोच्च बॉडी है।
इसी साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तथा शिक्षक व स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद चुनावों से पहले यह बैठक काफी अहम है। संभवत: पार्टी जिला पंचायत के चुनावों में अधिकृत प्रत्याशी उतारेगी। ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत के चुनाव पार्टी के बैनर से लड़े जाए या नहीं, इस पर भी फैसला होगा।
सीएए, एनपीआर और एनआरसी के विरोध में भी प्रस्ताव पारित
सपा ने विधानपरिषद की स्नातक व शिक्षक सीट के लिए कई उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। शेष सीटों के प्रत्याशियों के नामों को भी जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। कार्यसमिति प्रस्ताव पारित कर संगठन से जुड़े नीतिगत फैसलों के लिए अखिलेश यादव को अधिकृत कर सकती है।
राजनीतिक-आर्थिक प्रस्तावों में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर खतरे, विपक्षी दलों को डराने-धमकाने की कोशिश, बैंकिंग व्यवस्था केप्रति पैदा हो रहे अविश्वास, किसानों व खेती पर संकट, बेरोजगारी की गंभीर स्थिति और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिशों पर खासतौर पर चर्चा होने की संभावना है। सीएए, एनपीआर और एनआरसी के विरोध में भी प्रस्ताव पारित हो सकता है। यह भी संभव है कि तमाम मुद्दों को लेकर सपा एक या दो दिन के आंदोलन की घोषणा करे।
22 को धरना, 23 को साइकिल यात्रा
सपा 22 मार्च को सभी तहसीलों में धरना देगी और 23 को युवा संगठन साइकिल यात्रा निकालकर युवाओं और छात्राओं की समस्याओं की तरफ से ध्यान खींचा जाएगा। 23 मार्च डॉ. राममनोहर लोहिया की जयंती के साथ ही शहीदे आजम भगत सिंह का शहादत दिवस है। तहसीलों पर धरने में किसानों, गांव, गरीबों के मुद्दों को खासतौर पर उठाया जाएगा।