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बगावत के 32 घंटे, CM को निकालने पर सपा में भूचाल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 31 Dec 2016 11:39 AM IST
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मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव व रामगोपाल यादव
- फोटो : amar ujala
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यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को 6 साल के लिए सपा से बाहर निकाल दिया गया है। ये परिणाम है उन 32 घंटों की बगावत का। बगावत का आगाज बुधवार दोपहर 3 बजे से हुआ था, जब मुलायम सिंह यादव ने 403 विधानसभा सीटों में से 325 प्रत्याशियों का ऐलान किया।
इस लिस्ट में अपने करीबियों की अनदेखी से अखिलेश यादव नाराज हो गए। उसके 30 घंटे बाद गुरुवार रात 9 बजे अखिलेश ने 235 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की। इसके ठीक 2 घंटे बाद शिवपाल यादव ने 68 प्रत्याशियों की एक और लिस्ट जारी कर दी। यही से तय हो गया था कि अब मुलायम सिंह यादव कोई बड़ा फैसला लेंगे।
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इस लिस्ट में अपने करीबियों की अनदेखी से अखिलेश यादव नाराज हो गए। उसके 30 घंटे बाद गुरुवार रात 9 बजे अखिलेश ने 235 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की। इसके ठीक 2 घंटे बाद शिवपाल यादव ने 68 प्रत्याशियों की एक और लिस्ट जारी कर दी। यही से तय हो गया था कि अब मुलायम सिंह यादव कोई बड़ा फैसला लेंगे।
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अखिलेश को पहले नोटिस, फिर निकाला
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व सपा सुप्रीमो मुलायम
- फोटो : amar ujala
सपा में पारिवारिक विवाद पर दिन भर बैठकों का दौर चलने के बाद पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह ने बिना जानकारी प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करने पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए अखिलेश को कारण बताओ नोटिस भेजा, उसके बाद रामगोपाल यादव के खिलाफ भी नोटिस भेजा।
उसके बाद मुलायम यादव ने प्रेस कांफ्रेंस बुला ली और सीएम अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया। मुलायम बोले-रामगोपाल और अखिलेश पार्टी को बर्बाद कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी को किसी भी कीमत में टूटने नहीं देंगे। पार्टी पहले है, परिवार बाद में। अगर अखिलेश माफी मांगते हैं तो देखते हैं क्या होता है।
उसके बाद मुलायम यादव ने प्रेस कांफ्रेंस बुला ली और सीएम अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया। मुलायम बोले-रामगोपाल और अखिलेश पार्टी को बर्बाद कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी को किसी भी कीमत में टूटने नहीं देंगे। पार्टी पहले है, परिवार बाद में। अगर अखिलेश माफी मांगते हैं तो देखते हैं क्या होता है।
पार्टी से निकालने पर बोले राम गोपाल यादव?
फिरोजाबाद, रामगोपाल यादव, अखिलेश यादव
- फोटो : self
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव द्वारा पार्टी से निकाले जाने के बाद प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने मीडिया से बात की।
उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाकर कुछ गलत नहीं किया। मैंने पार्टी संविधान के अन्तर्गत रहते हुए काम किया।
उन्होंने टिकट वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुलायम ने जो लिस्ट जारी की है। उसमें जीतने वालों को टिकट नहीं दिया गया है, ऐसे लोगों को टिकट जारी किया गया है चुनाव में जिनकी जमानत तक नहीं बचेगी। उन्होंने इस फसाद के पीछे की वजह की ओर भी इशारा किया।
उन्होंने कहा कि जो सीएम का विरोधी है वो मेरा भी विरोधी है। रामगोपाल ने कहा कि वह सीएम की टीम के प्रत्याशियों का समर्थन करेंगे। रामगापोल यादव ने शिवपाल यादव का नाम लिए बिना उन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, एक व्यक्ति के कहने पर नेता जी ने अखिलेश को पद से हटा दिया था।
राम गोपाल ने इशारा किया कि ये व्यक्ति पार्टी के बाहर का आदमी नहीं है और सारे विवाद की जड़ यही व्यक्ति है। उन्होंने खुलासा किया कि नेताजी ने 1 जनवरी को बैठक बुलाई थी लेकिन इससे पहले 29 को लिस्ट जारी कर दी।
उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाकर कुछ गलत नहीं किया। मैंने पार्टी संविधान के अन्तर्गत रहते हुए काम किया।
उन्होंने टिकट वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुलायम ने जो लिस्ट जारी की है। उसमें जीतने वालों को टिकट नहीं दिया गया है, ऐसे लोगों को टिकट जारी किया गया है चुनाव में जिनकी जमानत तक नहीं बचेगी। उन्होंने इस फसाद के पीछे की वजह की ओर भी इशारा किया।
उन्होंने कहा कि जो सीएम का विरोधी है वो मेरा भी विरोधी है। रामगोपाल ने कहा कि वह सीएम की टीम के प्रत्याशियों का समर्थन करेंगे। रामगापोल यादव ने शिवपाल यादव का नाम लिए बिना उन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, एक व्यक्ति के कहने पर नेता जी ने अखिलेश को पद से हटा दिया था।
राम गोपाल ने इशारा किया कि ये व्यक्ति पार्टी के बाहर का आदमी नहीं है और सारे विवाद की जड़ यही व्यक्ति है। उन्होंने खुलासा किया कि नेताजी ने 1 जनवरी को बैठक बुलाई थी लेकिन इससे पहले 29 को लिस्ट जारी कर दी।