मुलायम सरकार ने रणजीत बच्चन को दिया था राज्यमंत्री का दर्जा, गिनीज बुक में भी दर्ज है नाम
विश्व हिंदू महासभा के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रणजीत बच्चन लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से भी जुड़े रहे हैं। वह सपा के लिए गोरखपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करवाते थे और पत्नी कालिंदी निर्मल शर्मा के साथ सपा की शांति सद्भावना यात्रा में भी भागीदारी की थी। सपा की साइकिल यात्रा में भाग लेने पर ही मुलायम सरकार ने रणजीत को राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया था। सात लाख किमी से अधिक की साइकिल यात्रा में भाग लेने पर गिनीज बुक ऑफ वर्ड रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज है।
उनकी हत्या पर सपा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा और उनसे इस्तीफे की मांग की है। सपा के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया है कि लखनऊ में दिनदहाड़े हिन्दू महासभा के अध्यक्ष की हत्या से आम जनमानस में दहशत! उत्तर प्रदेश में सरकार और पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है! निकम्मी सरकार तत्काल इस्तीफा दें।
सपा सरकार में रणजीत को लखनऊ की ओसीआर बिल्डिंग में फ्लैट आवंटित किया गया था। उनकी दो पत्नियां थीं। पहली पत्नी का नाम कालिंदी और दूसरी का स्मृति है। पहली पत्नी गोरखपुर में रहती है और संबंध विच्छेद हो जाने के बाद पहली पत्नी ने ही गोरखपुर में रंजीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी।
रंजीत बच्चन रविवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। तभी हजरतगंज में बाइक सवार बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि हत्या में प्रोफशनल शूटरों का सहारा लिया गया था। रंजीत के सिर में तीन गोलियां लगी हैं।
रंजीत के साथ उनके भाई आदित्य भी उनके हाथ में गोली लगी है। जिससे हाथ में फैक्चर हो गया। आदित्य को इलाज के बाद हजरतगंज कोतवाली ले जाया गया। जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
'लगातार हो रही हिंदू नेताओं की हत्या'
हत्या के बाद अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कुमार आशीष घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि रणजीत बच्चन हमारी पार्टी में लंबे समय तक कार्यकारी अध्यक्ष रहे हैं और मौजूद समय में विश्व हिंदू महासभा के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उनकी हत्या से साबित हो जाता है कि हिंदू नेता लगातार निशाने पर हैं।
इसके पहले अक्टूबर में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। मैं सरकार से मांग करता हूं कि रंजीत के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी हो और हिंदू नेताओं को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। लगातार हो रही हिंदू नेताओं की हत्या पुलिस पर भी सवाल खड़े कर कर रही है।