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अखिलेश यादव के चंदाजीवी बयान पर भड़के संत, कहा - श्रीराम पर कमेंट करना ठीक नहीं
Wed, 10 Feb 2021 05:54 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 10 Feb 2021 05:54 PM IST
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महंत परमहंस दास
- फोटो : अमर उजाला
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समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के लोकसभा में दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। रामनगरी के संतों ने अखिलेश के बयान की निंदा की है। उनका कहना है कि हम सभी राममंदिर के लिए चंदा नहीं दे रहे बल्कि समर्पण दे रहे हैं। भगवान श्रीराम पर कमेंट करना ठीक नहीं है।
अखिलेश ने लोकसभा में पीएम मोदी के आंदोलनजीवी वाले बयान पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि जो घर-घर जाकर चंदा ले रहे हैं, क्या वे चंदाजीवी संगठन के सदस्य नहीं हैं, इसी पर अयोध्या के संत भड़क गए हैं। उदासीन रानोपाली आश्रम के महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि अखिलेश यादव की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। श्रीराममंदिर निर्माण में हर कोई दिल खोलकर सहयोग कर रहा है, कोई चंदा नहीं दे रहा है, बल्कि ऐच्छिक योगदान दे रहा है। अखिलेश यादव का बयान निंदनीय है। तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव अभी बच्चे हैं। वे पीएम मोदी के बयान को समझ ही नहीं पाए, इसके लिए उन्हें अध्ययन करना होगा।
आंदोलनजीवी वे हैं जो शराब पीने के लिए और दो-तीन हजार के लिए एकत्र हुए हैं। आंदोलनजीवी का मतलब है फंडिग लेकर देश विरोधी कार्य करना, इनसे सावधान रहने की जरूरत है। पीएम मोदी के आंदोलनजीवी का कथन आंदोलन के खिलाफ नहीं, षडयंत्र के विरोध में है। हनुमानगढ़ी के संत राजूदास ने भी अखिलेश के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अखिलेश के दिल-दिमाग में नफरत भरी है। राममंदिर निर्माण के लिए कोई चंदा नहीं दे रहा है बल्कि उनका सहयोग है। चंदाजीवी कहकर भगवान राम पर कमेंट करना ठीक नहीं है। अखिलेश अब अपने पिता मुलायम सिंह यादव के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। मुलायम ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं थीं अब अखिलेश राममंदिर को लेकर कमेंट कर रहे हैं।
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महापौर व विधायक ने भी अखिलेश के बयान की निंदा
महापौर ऋषिकेश उपाध्याय व अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने भी अखिलेश यादव के बयान की निंदा की है। महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि अखिलेश का बयान हताशा व निराशा से भरा हुआ है। भगवान राम देश के राष्ट्र पुरुष हैं। उनके विषय में ऐसी भाषा का प्रयोग निंदनीय है। विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने कहा कि राममंदिर आस्था का विषय है। लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं। अखिलेश यादव भी हिंदू ही हैं, उन्हें राममंदिर को लेकर ऐसी राजनीति नहीं करनी चाहिए। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी अखिलेश यादव के बयान पर कहा कि भगवान ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दे।
सपा के विकास कार्यों को अपना बता रही भाजपा
अपने हर दौरे में मुख्यमंत्री हजारों करोड़ की योजनाओं की घोषणा करके वाहवाही बटोरते हैं, लेकिन सरकार के चार वर्ष में विकास का कहीं पता नहीं है। मुख्यमंत्री सपा सरकार में हुए विकास कार्यों को अपना बताकर फीता काट रहे हैं। यह बातें बुधवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने कही। पूर्व मंत्री ने कहा कि 2014 में अयोध्या में सीवर लाइन व अंडरग्राउंड विद्युतीकरण के कार्य शुरू हुए थे। धन भी आवंटित हो गया था, लेकिन सरकार यदि सच में विकास कर रही होती तो सीवर लाइन व विद्युतीकरण अयोध्या से फैजाबाद तक पहुंच गया होता। सरकार व्यापारियों को उजाड़कर स्मार्ट सिटी बनाना चाहती है। आरोप लगाया कि सरकार किसान, व्यापारी, गरीबों को उजाड़कर पूंजीपतियों को बसाना चाहती है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को मुआवजा देने के मामले में अखिलेश यादव से सीख लेने की नसीहत दे दी।
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अखिलेश ने लोकसभा में पीएम मोदी के आंदोलनजीवी वाले बयान पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि जो घर-घर जाकर चंदा ले रहे हैं, क्या वे चंदाजीवी संगठन के सदस्य नहीं हैं, इसी पर अयोध्या के संत भड़क गए हैं। उदासीन रानोपाली आश्रम के महंत डॉ. भरत दास ने कहा कि अखिलेश यादव की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। श्रीराममंदिर निर्माण में हर कोई दिल खोलकर सहयोग कर रहा है, कोई चंदा नहीं दे रहा है, बल्कि ऐच्छिक योगदान दे रहा है। अखिलेश यादव का बयान निंदनीय है। तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव अभी बच्चे हैं। वे पीएम मोदी के बयान को समझ ही नहीं पाए, इसके लिए उन्हें अध्ययन करना होगा।
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आंदोलनजीवी वे हैं जो शराब पीने के लिए और दो-तीन हजार के लिए एकत्र हुए हैं। आंदोलनजीवी का मतलब है फंडिग लेकर देश विरोधी कार्य करना, इनसे सावधान रहने की जरूरत है। पीएम मोदी के आंदोलनजीवी का कथन आंदोलन के खिलाफ नहीं, षडयंत्र के विरोध में है। हनुमानगढ़ी के संत राजूदास ने भी अखिलेश के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अखिलेश के दिल-दिमाग में नफरत भरी है। राममंदिर निर्माण के लिए कोई चंदा नहीं दे रहा है बल्कि उनका सहयोग है। चंदाजीवी कहकर भगवान राम पर कमेंट करना ठीक नहीं है। अखिलेश अब अपने पिता मुलायम सिंह यादव के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। मुलायम ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं थीं अब अखिलेश राममंदिर को लेकर कमेंट कर रहे हैं।
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महापौर व विधायक ने भी अखिलेश के बयान की निंदा
महापौर ऋषिकेश उपाध्याय व अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने भी अखिलेश यादव के बयान की निंदा की है। महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि अखिलेश का बयान हताशा व निराशा से भरा हुआ है। भगवान राम देश के राष्ट्र पुरुष हैं। उनके विषय में ऐसी भाषा का प्रयोग निंदनीय है। विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने कहा कि राममंदिर आस्था का विषय है। लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं। अखिलेश यादव भी हिंदू ही हैं, उन्हें राममंदिर को लेकर ऐसी राजनीति नहीं करनी चाहिए। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी अखिलेश यादव के बयान पर कहा कि भगवान ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दे।
सपा के विकास कार्यों को अपना बता रही भाजपा
अपने हर दौरे में मुख्यमंत्री हजारों करोड़ की योजनाओं की घोषणा करके वाहवाही बटोरते हैं, लेकिन सरकार के चार वर्ष में विकास का कहीं पता नहीं है। मुख्यमंत्री सपा सरकार में हुए विकास कार्यों को अपना बताकर फीता काट रहे हैं। यह बातें बुधवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने कही। पूर्व मंत्री ने कहा कि 2014 में अयोध्या में सीवर लाइन व अंडरग्राउंड विद्युतीकरण के कार्य शुरू हुए थे। धन भी आवंटित हो गया था, लेकिन सरकार यदि सच में विकास कर रही होती तो सीवर लाइन व विद्युतीकरण अयोध्या से फैजाबाद तक पहुंच गया होता। सरकार व्यापारियों को उजाड़कर स्मार्ट सिटी बनाना चाहती है। आरोप लगाया कि सरकार किसान, व्यापारी, गरीबों को उजाड़कर पूंजीपतियों को बसाना चाहती है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को मुआवजा देने के मामले में अखिलेश यादव से सीख लेने की नसीहत दे दी।