मोदी के लिए 'बावली' हो गई भगवा ब्रिगेड!
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जल्द ही मठ-मंदिरों पर भगवान के साथ मोदी का गुणगान होता दिखे तो हैरान होने की बात नहीं है।
भगवा खेमा ने मोदी को गद्दी पर पहुंचाने के लिए इस तरह की भी एक योजना बनाई है। इसके तहत भगवान की आरती व भोग में शामिल होने के लिए आने वाले भक्तों को नरेंद्र मोदी के काम-धाम के प्रताप की भी जानकारी दी जाएगी।
इसके लिए मठ-मंदिरों सहित अन्य धार्मिक स्थानों की सूची तैयार कराई जा रही है। सूची बनाने की जिम्मेदारी भाजपा के जिलाध्यक्षों को सौंपी गई है।
भाजपा के जिलाध्यक्षों से कहा गया है कि मठ-मंदिरों के पुजारियों से संपर्क करके उनके नाम सहित इस सिलसिले में पूरा ब्यौरा तैयार किया जाए, जिसमें इनके मोबाइल नंबर या संपर्क सूत्र का भी उल्लेख हो।
अमित शाह समझा रहे तौर-तरीका
पिछले दिनों यहां भाजपा की बैठक में प्रदेश प्रभारी अमित शाह ने इस सिलसिले में जिलाध्यक्षों को कार्ययोजना समझाई। कहा कि सभी जिलाध्यक्ष, मंडल (ब्लॉक), वार्ड व बूथ कमेटियों के प्रभारियों की मदद से उनके क्षेत्र के मठ, मंदिरों, आश्रमों व नदियों की सूची बनाएं।
इनमें पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों व पंडों तथा आश्रमों के महंतों से संपर्क करके उनका भी ब्यौरा तैयार करें। देश की राजनीतिक व सामाजिक परिस्थितियों का ब्यौरा उनके सामने रखकर ‘मिशन मोदी’ में सहयोग मांगें।
समझाएं कि ऐसा न हुआ तो इस्लामी आतंकवाद बढ़ेगा। मुसलमानों के वोट हासिल करने की होड़ में जुटे दल हिंदुओं की भावी पीढ़ियों के लिए तमाम नए खतरे खड़े कर देंगे।
साहित्य में भी शामिल होंगे मोदी
भाजपा इन लोगों को कुछ साहित्य भी उपलब्ध कराएगी, जिसमें वे कारण लिखे होंगे जिनके मद्देनजर भाजपा और मोदी को इस चुनाव में वोट देना जरूरी है।
इस सिलसिले में मोदी के काम-धाम और विकास की योजनाओं का उल्लेख भी साहित्य में होगा।
मोदी के नेतृत्व में गुजरात की विकास यात्रा का उल्लेख करने के साथ-साथ वे तर्क भी इस साहित्य में शामिल किए जाएंगे जो लोगों को मोदी को वोट देने के बारे में सोचने को मजबूर कर दे।
1000 जगहों पर चाय वाले मोदी
नरेंद्र मोदी की 'चाय वाली' छवि का फायदा लेने के लिए भी भाजपा ने मोदी संग चाय पर चर्चा कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना ली है। कार्यक्रम 27 राज्यों में एक साथ 1000 जगहों पर आयोजित होना है।
इसके जरिए भाजपा दो करोड़ लोगों से संपर्क साधना चाहती है। मोदी संग चाय के इस कार्यक्रम में नेता लोगों को संदेश तो देंगे ही, साथ ही लोगों को भी सवाल पूछने और सुझाव देने का मौका मिलेगा।
इसकी शुरुआत 12 फरवरी से अहमदाबाद में होगी। इसमें खुद मोदी मौजूद रहेंगे। इसके बाद के कार्यक्रमों में खुद मोदी या फिर बीजेपी के दिग्गज नेता को मौजूद रहना होगा।
यूपी निशाने पर, टीम तकनीक से लैस
12 फरवरी को चाय संग मोदी के पहले राउंड में देश भर में जिन 1000 जगहों पर कार्यक्रम होने हैं, उनमें सबसे ज्यादा जगहें यूपी की हैं। यूपी में 172 हैं, तो आंध्र प्रदेश की 108, महाराष्ट्र की 91, कर्नाटक की 82 और दिल्ली की 70 लोकेशंस शामिल हैं।
भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का कहना है कि हमारे देश में ज्यादातर लोग चाय पीते वक्त राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करना पसंद करते हैं।
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और, क्योंकि यह चर्चा बिना तनाव के होती है, इसीलिए बीजेपी ने इस योजना को लागू किया है। कार्यक्रम को तकनीकी रूप से भी सबसे मजबूत बनाने की पूरी तैयारी हो चुकी है। इसके लिए सैटलाइट, डीटीएच, मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल होगा।
आ चुकी है मेंहदी, मोबाइल और ईंट
मोदी को देश भर में स्वीकार्य प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने के लिए सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि तमाम अन्य संस्थाएं भी लगी हुई हैं।
इसमें कॉरपोरेट जगत के लोग भी शामिल हैं और सामाजिक सरोकार से जुड़े लोग भी मोदी का गुणगान कर रहे हैं।
इसी का नतीजा है कि सबसे पहले मोदी के नाम की मेंहदी लॉन्च की गई। इसकी खूब चर्चा भी हुई। उसके बाद नमो मोबाइल बाजार में आ गया।
फिर, मोदी को मजबूती का प्रतीक बनाने हुए कुछ लोगों ने ईंट के भट्टों को भी मोदीमय बना दिया, और आ गई नमो ईंट।
राजस्थान में तो एक जनाब ने अपने परिवार की एक शादी के कार्ड पर गणेश भगवान की जगह मोदी की तस्वीर ही चस्पा कर दी।