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एक मोबाइल कॉल पर होगी 'सेफ डिलीवरी'
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 05 Aug 2013 10:06 AM IST
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प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अब सेफ डिलीवरी रिस्पॉन्स टीम सुरक्षित प्रसव कराने में मदद करेगी।
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इस टीम में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक एनेस्थेटिस्ट, सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ रहेंगे। ये टीम फोन कॉल पर इमरजेंसी प्रसव के लिए संबंधित पीएचसी-सीएचसी पर पहुंचेगी।
राजधानी में ऐसी सात टीमों का गठन किया जा रहा है। जिसका नोडल ऑफिसर सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव को बनाया गया है।
सीएमओ कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रदेश के सभी जनपदों के सीएमओ, अस्पतालों के सीएमएस की मीटिंग में ये फैसला लिया गया।
सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए ये व्यवस्था की जा रही है। लखनऊ में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ये व्यवस्था शुरू की जाएगी।
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इसके बाद अन्य जनपदों में भी इसे लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजधानी में नौ सीएचसी और 28 पीएचसी हैं। पीएचसी पर सिर्फ सामान्य प्रसव ही कराए जाते हैं।
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इमरजेंसी में सभी गर्भवतियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा जाता है। ऐसे में या तो उन्हें समय पर प्रसव की सुविधा नहीं मिल पाती है या फिर वो भटककर निजी अस्पतालों में पहुंच जाती हैं।
इन समस्याओं से निपटने के लिए ही सेफ डिलीवरी रिस्पॉन्स टीम का गठन करने का फैसला लिया गया है। इस टीम के पास सीजेरियन किट की भी व्यवस्था रहेगी। यदि सीएचसी या पीएचसी पर किट नहीं है तो रिस्पॉन्स टीम अपनी किट से प्रसव कराएगी।