बलरामपुर अस्पताल में किशोर की मौत पर हंगामा, तोड़फोड़, गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप
लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के दौरान एक किशोर की मौत हो गई। इसके बाद घर वालों ने डॉक्टर व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल में तोड़फोड़ भी की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित घर वालों को समझाया।
हंगामे के चलते अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं एक घंटे तक बाधित रहीं। घर वालों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन लगाने से किशोर की मौत हुई, जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज सेप्टीसीमिया रोग से ग्रसित था। डालीगंज निवासी करन (13) को गुरुवार को बुखार व पेट संबंधी समस्या होने पर बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया।
शुक्रवार दोपहर अचानक करन की तबीयत बिगड़ने लगी और कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। इससे आक्रोशित घर वालों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए इमरजेंसी में तोड़फोड़ की। अस्पताल कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस वालों ने अस्पताल पहुंच मरीज के तीमारदारों को शांत कराया।
जानिए, क्या है सेप्टीसीमिया
घर वालों ने गलत इंजेक्शन लगाने से मौत होने का आरोप लगाया। इस बारे में बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी का कहना है कि मरीज सेप्टीसीमिया रोग से ग्रसित था। उसके इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है। मरीज के घर वालों ने वार्ड में तोड़फोड़ की और स्टाफ से बदतमीजी भी की।
सेप्टीसीमिया खून को प्रभावित करने वाला एक संक्रमण है। इससे शरीर के कई अंग काम करना बंद कर देते हैं। इसका संक्रमण गंभीर होने पर रक्तदाब तेजी से गिर जाता है। ऑर्गन फेल्योर हो सकता है जो मौत का कारण भी बन जाता है।