मोदी पर हमलावर हुए कांग्रेसी, मचाया हंगामा!
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केंद्र सरकार की ओर से पेश भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर बुधवार को विधानसभा में जबर्दस्त हंगामा हुआ। कांग्रेस के सदस्य वेल में जमे रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जवाब में भाजपा सदस्यों ने राहुल गांधी व रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस और भाजपा के रवैये से नाराज बसपा के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। हंगामे के चलते प्रश्न प्रहर नहीं हो सका। शून्य प्रहर में कार्यवाही शुरू होते ही फिर हंगामे के कारण अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
बुधवार को पहला सवाल कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह व बसपा के डॉ. धर्मपाल सिंह का भूमि अधिग्रहण बिल से संबंधित था। अध्यक्ष ने जैसे ही सदस्य का नाम पुकारा, भाजपा के डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि जब मंगलवार को लोकसभा में बिल पास हो गया तो यहां इस पर बहस नहीं हो सकती।
राज्यसभा में नहीं पास हुआ बिल इसलिए हो सकती है चर्चा
कांग्रेस के सदस्यों ने इस पर आपत्ति की। इस बीच राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने लिखित उत्तर पढ़ दिया। भाजपा के विरोध करने पर कांग्रेस और रालोद के सदस्य वेल में आकर मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। अध्यक्ष ने कहा कि बिल अभी राज्यसभा में पास नहीं हुआ है और अधिनियम नहीं बना है, इसलिए चर्चा हो सकती है।
अनुग्रह नारायण अनुपूरक सवाल पूछने खड़े हुए तो भाजपा के सदस्य फिर शोर-शराबा करने लगे। उन्होंने भूमि अधिग्रहण बिल को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौरे से जोड़ते हुए कहा कि विदेशी कंपनियों और साम्राज्यवादी ताकतों के लिए रास्ता साफ करने के लिए यह किसान और देश विरोधी बिल लाया गया है।
इसके बाद हंगामा और बढ़ गया। रालोद के दलवीर सिंह ने बिल पर मत विभाजन की मांग की जबकि कांग्रेस के सदस्य वेल में बैठ गए।
आजम ने कहा, यही है संसद में पेश हुआ मूल बिल
हंगामे के चलते अध्यक्ष ने 11.19 बजे सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। 11.44 पर कार्यवाही शुरू हुई तो वेल में जमे कांग्रेस सदस्यों ने फिर मोदी विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी तो भाजपा के सदस्यों ने भी राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा को प्रॉपर्टी डीलर बताते हुए जवाबी नारेबाजी की।
संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने कहा कि प्रश्नकर्ता अपना सवाल पूछ लें। इस पर भाजपा के सदस्य इस बात पर अड़ गए कि अध्यादेश की प्रति हिंदी में आए, तभी इस पर बहस हो।
आजम ने कहा कि संसद में बिल जिस भाषा में पेश हुआ है, उसी को मूल में यहां रखा गया है। अनुग्रह ने कहा कि प्रधानमंत्री हिंदी के प्रचारक हैं लेकिन हिमायत अंग्रेजी की करते हैं।
इस बीच बसपा सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए और अध्यक्ष के सदन में प्रवेश करने वाले द्वार पर धरने पर बैठ गए।
नारेबाजी पर भड़क गए भाजपाई
हंगामे के चलते अध्यक्ष ने 12 बजे सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए फिर स्थगित कर दी। शून्य प्रहर में भी मोदी के खिलाफ कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी जारी रही तो भाजपा के सुरेश खन्ना ने कहा कि जो सदन में मौजूद नहीं है, उसके खिलाफ नारे लगाना ठीक नहीं है।
हमें भी जवाब देना आता है। शोर-शराबे के बीच अध्यक्ष ने 12.35 बजे सदन की कार्यवाही बृहस्पतिवार सवेरे तक के लिए स्थगित कर दी।
विधानसभा को हाईजैक न करें
कांग्रेस सदस्य वेल में आकर नारेबाजी कर रहे थे तो अध्यक्ष बार-बार उनसे अपनी सीट पर जाने का अनुरोध करते रहे।
आखिरकार अध्यक्ष को कहना पड़ा कि इतने लोग मिलकर विधानसभा को हाईजैक न करें। कांग्रेस सदस्यों की लगातार नारेबाजी पर अध्यक्ष ने चुटकी ली कि जहां लड़ना था वहां तो लड़ नहीं पा रहे हैं। यहां लड़ रहे हैं।