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यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में बंटी उत्तर पुस्तिका, हंगामा

Mon, 27 Jun 2016 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 27 Jun 2016 09:18 AM IST
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Ruckus during UPSSSC examination in Lucknow.
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा - फोटो : amar ujala

लखनऊ के आलमबाग के श्यामा चंद्रा कॉन्वेंट इंटर कालेज में रविवार को हुई उत्तर प्रदेश अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों ने खूब हंगामा काटा। इनका आरोप था कि कॉलेज प्रशासन की मिली भगत से क्लास में आंसर की बांटी गई हैं।

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हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परीक्षार्थियों को शांत कर पूरे प्रकरण की रिपोर्ट और आंसर की आयोग को भेजने की बात कही है। वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा सीओ की मौजूदगी में हुई। उधर, सेंट फिडलिस इंटर कॉलेज में पेपर के बंडल की सील टूटी मिलने पर भी छात्रों ने हंगामा किया।
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पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा के लिए श्यामा चंद्रा कॉन्वेंट इंटर कॉलेज को केंद्र बनाया गया था। यहां पर 800 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। सुबह 10 बजे से पहली पाली की परीक्षा चल रही थी। करीब 12.15 बजे के करीब दूसरी मंजिल के कमरा नंबर-9 में परीक्षार्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया।

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अभ्यर्थी के पास हाथ से लिखी हुई मिली आंसरी की

Ruckus during UPSSSC examination in Lucknow.
अभ्यर्थी के पास से मिली आंसर की - फोटो : amar ujala

उनका आरोप था कि परीक्षार्थी शुएब मसूद (रोल नंबर-001627224) के साथ-साथ कई के पास हाथ से लिखी आंसर की मौजूद थी। साथ ही क्लास में ड्यूटी नहीं होने के बावजूद यहीं के टीचर रवींद्र मिश्र भी मौजूद थे।

परीक्षार्थियों का आरोप था कि रवींद्र मिश्र परीक्षार्थी शुएब मसूद को आंसर की देने आए थे। परीक्षार्थियों ने आंसर की और रवींद्र मिश्र व शुएब मसूद को पकड़कर कॉलेज के प्रिंसिपल को सौंप दिया।

हंगामा बढ़ता देख प्रिंसिपल सुरेंद्र सिंह ने 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परीक्षार्थियों को शांत कराया। दूसरी पाली की परीक्षा सीओ राजेश कुमार यादव की निगरानी में हुई।

परीक्षा समाप्ति के बाद आरोपी परीक्षार्थी और शिक्षक से सीओ ने पूछताछ की। हालांकि पूछताछ में वे किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके। इसलिए उन्होंने आंसर की तथा मामले की रिपोर्ट आयोग को भेजने की बात कही है।

मौके से भाग निकले पर्यवेक्षक

Ruckus during UPSSSC examination in Lucknow.
हंगामा करते अभ्यर्थी - फोटो : amar ujala

हंगामा होने पर केंद्र पर तैनात पर्यवेक्षक मौके से भाग निकले। इस वजह से दूसरी पाली में आयोग को दूसरा पर्यवेक्षक भेजना पड़ा। इसको लेकर भी परीक्षार्थियों ने सवाल उठाए। उनका कहना था कि केंद्र पर कुछ परीक्षार्थियों को नकल कराई जा रही है।

प्रिंसिपल के दावों की खुली पोल
प्रिंसिपल सुरेंद्र सिंह का कहना था कि उन्होंने शिक्षक रवींद्र मिश्रा की ड्यूटी परीक्षार्थियों के मोबाइल जमा करने के लिए लगाई थी। परीक्षा खत्म होने पर हंगामा हुआ तो रवींद्र मिश्रा को मौके पर भेजा।

उनके इस दावे की पोल तब खुली जब प्रिंसिपल से कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी चार्ट मांगा गया। कॉलेज में कक्ष निरीक्षकों का कोई रजिस्टर नहीं बनाया गया था।

प्रिंसिपल ने खुद माना कि रवींद्र मिश्रा की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। इसके बावजूद वे परीक्षा केंद्र पर क्या रहे थे, इस सवाल का जवाब प्रिंसिपल के पास नहीं था। प्रिंसिपल इसका भी कोई जवाब नहीं दे सके कि आखिर आंसर की कमरे तक पहुंची कैसे।

आलमबाग का है आरोपी परीक्षार्थी

Ruckus during UPSSSC examination in Lucknow.

नकल के आरोप में पकड़े गए शुएब मसूद और परीक्षा केंद्र आलमबाग क्षेत्र के ही हैं इसी वजह से आरोपों को और बल मिला है। शुएब मसूद ने बताया कि  वह मूल रूप से इलाहाबाद का रहने वाला है। पिछले कई साल से आलमबाग में रहता है। उसने खुद को सिंचाई विभाग में संविदाकर्मी बताया।

मोबाइल जमा करने के लिए वसूले 10-10 रुपये
केंद्र पर परीक्षार्थियों से मोबाइल जमा करने के नाम पर 10-10 रुपये वसूले गए। इस मामले में प्रिंसिपल तो कुछ नहीं बोले वहीं, आरोपी शिक्षक रवींद्र मिश्रा बगले झांकने लगे। परीक्षार्थियों ने भी मोबाइल के लिए 10-10 रुपये लेने की बात कही तो उन्हें सच स्वीकारना पड़ा।

चार फिट की बेंच पर तीन परीक्षार्थी
कॉलेज आलमबाग के अंदर है, यहां तक पहुंचने के लिए ट्रांसपोर्ट का कोई साधन नहीं है। इसके बावजूद कॉलेज को किस आधार पर केंद्र बनाया जा रहा है इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। दूसरी मंजिल के कमरा नंबर नौ में 96 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षा के दौरान चार फीट की एक बेंच पर तीन-तीन परीक्षार्थी बैठे थे। यहां माहौल देखकर कतई नहीं लग रहा था कि यहां इतनी बड़ी परीक्षा का आयोजन है। दूसरी पाली में बैग और मोबाइल फोन भी कमरे में पहुंच गए।

'पूरी रिपोर्ट व आंसर की आयोग को भेजी जा रही है'

Ruckus during UPSSSC examination in Lucknow.
कॉलेज के प्रधानाचार्य - फोटो : amar ujala

आरोपों पर श्याम चंद्रा कॉन्वेंट इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल सुरेंद्र सिंह का कहना है कि परीक्षा समाप्ति के बाद ओएमआर शीट जमा करते समय परीक्षार्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसमें कॉलेज का स्टाफ शमिल नहीं था। रवींद्र मिश्रा कॉलेज में केमिस्ट्री पढ़ाते हैं। उनकी ड्यूटी मोबाइल जमा करने में लगाई गई थी। परीक्षा कक्ष में वे शीट लेने गए थे। इस दौरान किसी प्रकार की नकल नहीं हुई है। पूरी रिपोर्ट और आंसर की आयोग को भेजी जा रही है।

वहीं आरोपी शिक्षक रवींद्र मिश्रा का कहना है कि प्रिंसपल के कहने पर मैं केवल अटेंडेंस शीट लेने गया था। आंसर की कहां से आई मेरी जानकारी में नहीं है। कक्षा में जाते ही परीक्षार्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। नकल कराने जैसी कोई बात ही नहीं है।

आरोपी परीक्षाथी शुएब मसूद का कहना है कि मैंने प्रवेश पत्र पर रीजनिंग के सवाल हल करने के लिए ए से जेड तक के अक्षर गलती से लिखे थे। इसी को लेकर परीक्षार्थियों ने हंगामा कर दिया। आंसर की मेरे पास नहीं थी ना ही मैं नकल कर रहा था। मेरे ऊपर लगे आरोप गलत हैं।

मामले पर कृष्‍णानगर सीओ राजेश कुमार यादव का कहना है कि हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। परीक्षार्थी कॉलेज प्रशासन पर शुएब मसूद नाम के परीक्षार्थियों को नकल कराने का आरोप लगा रहे हैं। इसलिए जब्त आंसर सीट और सभी के बयान की आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

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