फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   RSS to make big changes in BJP.

BJP की थाह नाप गया संघ, अब होंगे बदलाव!

Fri, 24 Oct 2014 02:15 PM IST
Updated Fri, 24 Oct 2014 02:15 PM IST
विज्ञापन
RSS to make big changes in BJP.

घोषणा भले न हुई हो। आरएसएस का शीर्ष नेतृत्व भले ही यह कह रहा हो कि संघ का काम भाजपा सहित किसी राजनीतिक दल के लिए जमीन तैयार करना नहीं है।

विज्ञापन


पर, यहां चली मैराथन बैठक के संकेतों को मानें तो केंद्रीय कार्यकारी मंडल के बहाने संघ का शीर्ष नेतृत्व यूपी की थाह नाप गया। न सिर्फ संघ के सीधे कामकाज से जुड़े लोगों की सक्रियता और कामकाज की बल्कि भाजपा सहित अन्य संबंधित संगठनों व उनके लोगों की भी।
विज्ञापन


वैसे तो पूरी बैठक भाजपा सहित संघ परिवार के सभी संगठनों की ताकत बढ़ाने की चिंता में डूबी ही रही लेकिन बीच-बीच में यूपी की विशेष फिक्र भी मुखर हुई। ढाई साल बाद यूपी में कमल खिलाने के लिए क्या-क्या करना होगा, इसकी चिंता भी झलकी।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन दिन तक चले संघ परिवार के शीर्ष नेतृत्व के मंथन में कार्यक्रमों की समीक्षा और संगठन के कामकाज की जानकारी के दौरान जिस तरह के तथ्य आए। उन्होंने संघ नेतृत्व को और चिंता में डाल दिया।

जो संकेत मिल रहे हैं, उनसे साफ है कि संघ परिवार यूपी में कील-कांटे दुरुस्त करने को जल्द ही कुछ बड़े बदलाव कर सकती है।

लेना है देश के 'माहौल' का लाभ

RSS to make big changes in BJP.

शाखाओं पर और संघ परिवार के अन्य संगठनों के यूपी में होने वाले कार्यक्रमों में अपेक्षित संख्या न आने को लेकर संघ नेतृत्व के चेहरे पर कई बार चिंता की लकीरें दिखाई दीं।

बैठक में संघ ने एक साल में देश भर के सभी मुख्य मार्गों के किनारे संघ के काम के विस्तार का लक्ष्य तय करके संगठन की शक्ति बढ़ाने की योजना बनाई है, पर कार्यकारी मंडल की बैठक के बाद जिस तरह प्रचारकों को यूपी में लक्ष्य दिए गए, उससे साफ हो गया कि इन सब कार्यक्रमों के दौरान संघ का फोकस यूपी पर प्रमुखता से रहेगा।

संघ यह भी चाहता है कि  देश में हुए इतने बड़े परिवर्तन से बना माहौल यूं ही न चला जाए। उसे पता है कि इस समय लोगों को जोड़ने में उसे अपेक्षाकृत कम मेहनत करनी पड़ेगी। पर, वह सावधानी भी बरतना चाह रहा है कि जुड़ने वाले लोग पहले सीधे संघ के कामकाज से जुड़े।

ताकि संघ अपनी इच्छा व योजनानुसार उनकी शक्ति का लाभ ले सके। इसीलिए घोषणा तो नहीं हुई लेकिन बैठक के भीतर परिवर्तन से बने माहौल का लाभ उठाते हुए नए लोगों को जोड़ने, उन्हें संघ के कामकाज से प्रशिक्षित करने के लिए शिविर लगाने का फैसला किया गया है।

यूपी में घटती ताकत से चिंतित है संघ

RSS to make big changes in BJP.

संघ 2002 से यूपी भाजपा की निरंतर घटती ताकत से बहुत पहले से चिंतित चला आ रहा है। उसने कई प्रयोग किए। नेतृत्व में बदलाव तक किया, पर भाजपा दुर्दिनों से मुक्ति नहीं पा सकी।

शायद यही वजह थी कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए लोकसभा चुनाव में उसने यूपी का चुनाव यहां के पार्टी नेताओं को किनारे रखकर लड़ा। प्रत्याशी के चयन से चुनावी रणनीति और प्रबंधन तक किसी भी काम में इन्हें शामिल नहीं किया।

कलराज मिश्र और राजनाथ सिंह को छोड़कर शेष सभी नेताओं को चुनावी राजनीति से भी बाहर करने का फैसला ले लिया। इसके सार्थक नतीजे आए। पर, हाल में ही विधानसभा की 12 सीटों के उपचुनाव में भाजपा को अपनी नौ सीटें गंवानी पड़ी।

उसके बाद संघ को फिर यह खतरा दिखाई देने लगा है कि सिर्फ यूपी वालों के सहारे पूरा मामला छोड़ देने से काम नहीं चलेगा। जाहिर है कि इस तथ्य के चलते निकट भविष्य में यूपी भाजपा में बड़े बदलाव सामने आ सकते हैं।

धार को कुंद न पड़ने देने की कोशिश

RSS to make big changes in BJP.

केंद्रीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक के दौरान सरकार्यवाह सुरेश जोशी ‘भैया जी’, सहसरकार्यवाह दत्रात्रेय होसबोले, प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य ने मंदिर से लेकर हिंदुत्व तक पर धारदार बातें कहीं, लव जेहाद से लेकर आतंकी गतिविधियों पर चिंता जताई।

भैया जी जोशी ने तो यहां तक कह दिया कि संघ के एजेंडे में पहले हिंदू हैं और बाकी लोग बाद में। चूंकि यह बात उन्होंने यूपी में कही, जहां हाल में सपा ने अपने अधिवेशन में मोदी सहित पूरे संघ परिवार को मुस्लिम विरोधी करार देकर मुस्लिमों के ध्रुवीकरण की कोशिश की है।

जाहिर है कि संघ हिंदू समाज को यह संदेश देना चाहता है कि इस तरह के आरोपों से वह चिंतित नहीं है। वह डंके की चोट पर हिंदू हितों की आवाज उठाता रहेगा।

हो भी क्यों न, आखिर संघ नेतृत्व को भी पता है कि 2017 में यूपी का समर हो अथवा उससे पहले झारखंड या अन्य राज्यों में, उसे हिंदूवादी चेहरे से ही लाभ होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed