आरएसएस ने की थी हिंसक मुस्लिमों से महात्मा गांधी की सुरक्षा
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंद कुमार ने कहा कि संघ ने महात्मा गांधी की हिंसक मुस्लिम भीड़ से सुरक्षा की थी लेकिन दुर्भाग्य से हिंदू विरोधी तत्वों और वामपंथियों ने अंग्रेजों के इशारे पर झूठा प्रचार कर गांधी की हत्या का आरोप लगाकर संघ को बदनाम किया।
वह मंगलवार को निरालानगर स्थित सरस्वती कुंज के माधव सभागार में हाल में ही संघ से जुड़े विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लगभग 500 छात्र- छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।
संघ की तरफ से इन दिनों संपर्क में आने वाले नए लोगों को संगठन की रीति नीति से परिचित कराने के लिए जगह-जगह शिविर लगाए जा रहे हैं। उसी सिलसिले में मंगलवार को यहां शिविर लगा था।
इसका उद्देश्य संघ के लिए युवाओं की ऐसी खेप तैयार करना है जो आगे चल कर भाजपा और संघ के अन्य संगठनों के लिए मजबूत आधार बनें। इस शिविर को मीडिया के लिए प्रतिबंधित रखा गया था।
जानकारी के मुताबिक, नंद कुमार ने छात्रों से कहा कि महात्मा गांधी 1946 में दिल्ली की एक दलित बस्ती में रहते थे। उस समय मुस्लिमों की तरफ से नए देश की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था। कुछ ऐसे हालात बने कि कई मुसलमान हिंसक हो गए और महात्मा गांधी की जान लेने पर उतारू हो गए। तब संघ ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई थी।
विभाजन के जिम्मेदार मुस्लिम व वामपंथी
जे. नंद कुमार ने कहा, देश के विभाजन के लिए उस समय सक्रिय कई मुस्लिम नेता व वामपंथी जिम्मेदार थे। इन लोगों ने अंग्रेजों के इशारे पर देश विभाजन की साजिश रची। हिंदू समाज के असंगठित होने के कारण विदेशी आक्रमणकारियों ने देश पर राज किया। संघ का स्थापना के समय से ही देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता व स्वराज्य का संकल्प रहा है। इसीलिए वह हिंदुओं की एकजुटता की बात करता है ताकि देश फिर से परतंत्र न हो।