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आरएसएस का शताब्दी वर्ष: दिसंबर 2024 तक हर गांव में पहुंचेगा संघ, तैयार की गई विस्तृत योजना
Tue, 12 Sep 2023 09:32 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 12 Sep 2023 09:32 AM IST
सार
आरएसएस ने शाखा और साप्ताहिक मिशन कार्यक्रम के जरिये हर गांव तक काम पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। निधि समर्पण अभियान, सेवा समिति और चिकित्सा समिति को फिर से सक्रिय कर विलय किया जाएगा।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अब शताब्दी वर्ष के मद्देनजर दिसंबर 2024 तक प्रत्येक गांव तक शाखा या साप्ताहिक मिलन के जरिये पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा है। संघ ने प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र में प्रत्येक गांव तक उपस्थिति दर्ज करने के लिए विस्तृत योजना भी बनाई है।
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संघ ने पहले शताब्दी वर्ष के मद्देनजर प्रत्येक न्याय पंचायत तक संघ की शाखा स्थापित करने का लक्ष्य रखा था लेकिन बीते दिनों हुई संघ की उच्च स्तरीय बैठक में प्रत्येक गांव तक शाखा या साप्ताहिक मिलन कार्यक्रमों का आयोजन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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संघ के एक पदाधिकारी के मुताबिक राम मंदिर निर्माण के लिए प्रत्येक गांव में निधि समर्पण अभियान के लिए समिति बनाई गई थी लेकिन अभियान पूरा होने के बाद समिति का उपयोग नहीं हुआ। इसी प्रकार कोरोना की पहली लहर के दौरान ग्राम रक्षा समिति बनाई गई थी। तीसरी लहर के दौरान चिकित्सा समिति बनाई गई थी लेकिन कोरोना काल के बाद उनका उपयोग भी नहीं हुआ। संघ अब इन तीनों समितियों का विलय कर एक नई टीम बनाने की तैयारी कर रहा है।
इस तरह बढ़ेगा काम: नई टीम के सदस्यों के पास समय की उपलब्धता के आधार पर पहले चरण में जहां शाखा शुरू करना संभव है, वहां शाखा शुरू की जाएगी। जहां शाखा शुरू करना संभव नहीं है, वहां साप्ताहिक मिलन के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत गांव के किसी मंदिर, तालाब, श्मशान पर सेवा कार्य, हनुमान चालीसा पाठ, रामचरितमानस पाठ कार्यक्रम किए जाएंगे। इसके लिए संघ की ओर से ऐसे गांवों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां शाखा या साप्ताहिक मिलन के कार्यक्रम अभी तक नहीं हैं। वहां पर जल्द ही संघ के स्वयंसेवक और प्रचारक पहुंचकर लोगों को जोड़ने का काम करेंगे।