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रोटोमैक कंपनी के मालिक को सीबीआई कोर्ट ने बेटे सहित 11 दिन की रिमांड पर भेजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:46 AM IST
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विक्रम कोठारी
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रोटोमैक कंपनी के चेयरमैन विक्रम कोठारी और उसके बेटे राहुल कोठारी को सीबीआई की टीम शनिवार को कानपुर ले गई। टीम कानपुर में ही पिता-पुत्र से बैंक से लिए गए लोन को खर्च करने के बारे में जानकारी हासिल करेगी।
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इससे पहले सीबीआई ने विक्रम व राहुल कोठारी को दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया। साथ ही रिमांड की मांग वाली अर्जी देकर बताया कि रोटोमैक कंपनी के चेयरमैन विक्रम कोठारी व मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल कोठारी ने कई बैंकों के कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ मिलकर अरबों रुपयों का घोटाला किया। आरोपियों ने 7 बैंकों को 2919 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। इस मामले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों का पता लगाया जाना और उनसे आरोपियों का आमना-सामना कराना जरूरी है। इसलिए दोनों आरोपियों का पुलिस कस्टडी रिमांड दिया जाए।
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बचाव पक्ष ने रिमांड पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दोनों ही आरोपी प्राइवेट व्यक्ति हैं तथा इस विशेष न्यायालय को लोक सेवक के विरुद्ध ही मामला चलाने का क्षेत्राधिकार है। लिहाजा यह कोर्ट आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा में नहीं दे सकता। वहीं सीबीआई की ओर से कहा गया कि मामला कानपुर का है तथा इस कोर्ट के क्षेत्राधिकार में है। इस मामले में कई बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल हैं जिनकी विवेचना चल रही है।
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कोर्ट ने बचाव पक्ष की आपत्ति को खारिज करते हुए पहले दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश दिया। इसके साथ ही पिता-पुत्र को 11 दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के आदेश जारी किए। सीबीआई को आरोपी पिता-पुत्र को 7 मार्च की दोपहर 2 बजे तक कोर्ट में पेश करना होगा।
नहीं चला बीमारी का बहाना
बचाव पक्ष की ओर से सीबीआई की अर्जी का विरोध करते हुए कहा गया कि मामले में पुलिस कस्टडी रिमांड की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आरोपी सहयोग कर रहे हैं और समस्त साक्ष्य डॉक्यूमेंट्री है जो कि बैंक के पास उपलब्ध है। आरोपी विक्रम कोठारी वृद्ध हैं तथा मधुमेह व स्पाइन की बीमारी से ग्रस्त हैं। बचाव पक्ष की ओर से विक्रम कोठारी के समुचित इलाज की मांग वाली अर्जी भी दी। वहीं सीबीआई को आदेश दिया कि रिमांड के दौरान विक्रम कोठारी को समुचित इलाज उपलब्ध कराया जाए।